नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली के वार्ड संख्या 23 इंदिरा नगर में नगर निगम के जलकल विभाग की लापरवाही से स्थानीय लोग लंबे समय से परेशान हैं। क्षेत्र में केसर स्वीट के सामने, राजेंद्र नगर स्थित पुराने टेलीफोन एक्सचेंज के पास नाले के बराबर गुजर रही 8 इंच की सीमेंट की पानी की लाइन कई महीनों से खराब पड़ी है। इस वजह से आसपास के लोगों को साफ पानी की जगह गंदा और कम प्रेशर वाला पानी मिल रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
स्थानीय पार्षद सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ ने इस समस्या को लेकर जलकल विभाग के तथाकथित सुपरवाइजर शमशाद हुसैन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उन्होंने कई महीनों से इस समस्या की जानकारी बार-बार शमशाद हुसैन को दी, लेकिन इसके बावजूद पानी की लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि क्षेत्र की जनता को गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पार्षद सतीश मम्मा ने बताया कि विकास सप्ताह के दौरान भी उन्होंने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए व्यक्तिगत रूप से प्रयास किया। उन्होंने पावर हाउस से पूरे दिन का शटडाउन करवाया, बिजली विभाग से लाइट बंद करवाई और खुद मौके पर खड़े होकर पानी की लाइन ठीक कराने का प्रयास किया। लेकिन सुपरवाइजर शमशाद हुसैन की अनुपलब्धता और लापरवाही के कारण उस दिन भी काम पूरा नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में पानी की समस्या लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है। ऐसे समय में साफ पानी न मिलना लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। कई घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है, जबकि कुछ जगहों पर पानी का प्रेशर इतना कम है कि लोगों को मोटर और कंप्रेसर का सहारा लेना पड़ रहा है।
आज फिर से सतीश मम्मा ने स्वयं पहल करते हुए विद्युत विभाग से सुबह 11 बजे से शटडाउन करवाया। इसके बाद मौके पर कार्य शुरू कराया गया। उन्होंने बताया कि अवर अभियंता सुमित की मौजूदगी में और उनके नेतृत्व में पानी की लाइन को ठीक करने का काम चल रहा है। सुबह से ही वीरपाल, लाल और अरविंद खलासी मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।
पार्षद ने उम्मीद जताई कि जल्द ही यह काम पूरा हो जाएगा और क्षेत्र की जनता को राहत मिलेगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि आज काम पूरा नहीं हो पाया, तो फिर किसी अन्य दिन दोबारा शटडाउन लेकर कार्य करवाना पड़ेगा। क्योंकि समस्या गंभीर है और इसे अधूरा छोड़ना संभव नहीं है।
सतीश मम्मा ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले की जानकारी नगर आयुक्त को भी दे दी है। साथ ही सहायक अभियंता अजीत सिंह को भी स्थिति से अवगत करा दिया गया है। उनका कहना है कि जनता की मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई महीनों से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
क्षेत्रवासियों ने पार्षद सतीश मम्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खुद मौके पर मौजूद रहकर समस्या के समाधान की कोशिश की, जबकि संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी समय पर नहीं पहुंचे। लोगों का कहना है कि यदि जनप्रतिनिधि इसी तरह सक्रिय रहें, तो कई समस्याओं का जल्दी समाधान हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि पानी की लाइन कब तक पूरी तरह ठीक होती है और लोगों को साफ पानी की नियमित आपूर्ति कब शुरू होती है। गर्मी के इस मौसम में यह समस्या जितनी जल्दी सुलझे, उतना ही बेहतर होगा।





