नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी ने बरेली में अपने संगठन विस्तार अभियान के तहत एक ऐसी राजनीतिक बढ़त हासिल की है, जिसे पार्टी नेता आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से अहम मान रहे हैं। नगर निगम के वार्ड संख्या 66 बजरिया पूरनमल, जिसे भाजपा का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है, वहां के कई प्रमुख भाजपा समर्थकों का समाजवादी पार्टी में शामिल होना सियासी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम को सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की सक्रिय रणनीति और लगातार चल रहे जनसंपर्क अभियान का परिणाम माना जा रहा है।
समाजवादी पार्टी कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने नवागत सदस्यों का फूल-मालाओं के साथ स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। पार्टी नेताओं ने इसे भाजपा के मजबूत माने जाने वाले क्षेत्रों में सपा की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत बताया।
सपा में शामिल होने वालों में मनीषा सक्सेना एडवोकेट, रजनी वर्मा, शोभा पाल, सर्वेश देवी, अंजलि गौतम, रेनू पटेल, मोहनिश हैदर, अभिजीत वर्मा और विशाल जौहरी प्रमुख रूप से शामिल रहे। सभी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों और समाजवादी विचारधारा में विश्वास जताते हुए पार्टी को मजबूत करने का संकल्प लिया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिस तरह पिछले कुछ समय से बरेली में समाजवादी पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रही है, उसमें जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। दोनों नेता न सिर्फ बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं, बल्कि भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी अपनी पैठ बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। बजरिया पूरनमल वार्ड में भाजपा समर्थकों का सपा में शामिल होना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से आम जनता निराश है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और जनता से जुड़े मुद्दों की अनदेखी के कारण लोगों का विश्वास भाजपा से कम होता जा रहा है और वे समाजवादी पार्टी की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों के लोगों का लगातार सपा से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है।
शुभलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज प्रदेश में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है और 2027 के विधानसभा चुनाव में बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि जिस प्रकार हर वर्ग के लोग पार्टी के साथ जुड़ रहे हैं, उससे साफ है कि भाजपा की पकड़ कमजोर हो रही है।
वहीं महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि समाजवादी पार्टी सामाजिक न्याय, भाईचारे और विकास की राजनीति में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी की नीतियों को जनता का समर्थन मिल रहा है और यही कारण है कि लगातार लोग सपा का दामन थाम रहे हैं।

शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि नवागत साथियों के जुड़ने से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी और समाजवादी विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ेंगे और संगठन पहले से ज्यादा मजबूत होगा।
महिला सभा की महानगर अध्यक्ष सरताज गजल अंसारी ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता मौजूदा नीतियों से निराश है और अब समाजवादी पार्टी से उम्मीदें लगा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं समेत सभी वर्गों में सपा के प्रति सकारात्मक माहौल बन रहा है और आने वाले समय में बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ेंगे।
कार्यक्रम में महिला सभा की महानगर अध्यक्ष सरताज गजल अंसारी की अगुवाई में शामिल हुई महिलाओं और पुरुषों का जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी नवागत सदस्यों का अभिनंदन करते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो बरेली में समाजवादी पार्टी लगातार अपने जनाधार को विस्तार देने में जुटी हुई है। जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी की जोड़ी लगातार संगठन को मजबूत करने, नए लोगों को जोड़ने और भाजपा के पारंपरिक क्षेत्रों में सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। यही वजह है कि पार्टी के भीतर भी दोनों नेताओं की सक्रियता की चर्चा हो रही है।
कार्यक्रम का संचालन महानगर महासचिव पंडित दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर पर शहर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और पार्षद राजेश अग्रवाल, पार्षद दल नेता गौरव सक्सेना, अशोक यादव, सिम्पल कन्नौजिया, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजेंद्र पटेल, प्रदीप मौर्य, सुरेंद्र सोनकर, नाजिम कुरैशी, पार्षद मोहम्मद आरिफ कुरैशी, अब्दुल कय्यूम मुन्ना, सलीम पटवारी, शमीम अहमद, अलीम सुल्तानी, गुलबशर अंसारी, रईस मियां अब्बासी, इकबाल बिल्डर, मोहम्मद शाकिर, ओमान रजा, सनी मिर्जा, जितेंद्र मुंडे, राम सेवक, गंगा सिंह यादव, अदनान खान, रेहान अंसारी और भानु प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बरेली की राजनीति में इस घटनाक्रम को समाजवादी पार्टी की बढ़ती सक्रियता और भाजपा के सामने नई चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का दावा है कि शुभलेश यादव और शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में संगठन जिस तरह लगातार विस्तार कर रहा है, उससे 2027 के चुनावी मुकाबले में भाजपा को कड़ी चुनौती मिलने के संकेत दिखाई देने लगे हैं।




