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नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में सतीश मामा ने उठाए शहर से जुड़े कई मुद्दे, फूड कोर्ट से लेकर हाईमास्ट और अतिक्रमण तक पर हुए फैसले

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नीरज सिसौदिया, बरेली

नगर निगम कार्यकारिणी समिति की बैठक मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को महापौर कक्ष में आयोजित हुई। बैठक में पिछली कार्यकारिणी बैठकों के निर्णयों की पुष्टि के साथ शहर की व्यवस्थाओं, अतिक्रमण, सड़क कटिंग, फूड कोर्ट, हाईमास्ट लाइट, आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यकारिणी सदस्य सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ ने बैठक में विभिन्न विषयों पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों से पूर्व में लिए गए निर्णयों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की।

बैठक की शुरुआत 17 अक्टूबर 2025, 29 नवंबर 2025, 25 मार्च 2026 और 2 जुलाई 2026 को हुई बैठकों की कार्रवाई की पुष्टि से हुई। इस दौरान सतीश चंद्र सक्सेना ने कहा कि 2 जुलाई 2026 की बैठक में उपसभापति का चुनाव हुआ था, इसलिए उस बैठक को कार्रवाई की पुष्टि के विषय में शामिल नहीं किया जाना चाहिए था। इस पर नगर आयुक्त ने इसे सूचना के रूप में लेने का अनुरोध किया।

17 अक्टूबर 2025 की बैठक में साइकिल स्टैंड से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए चयन की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता निर्माण और अपर नगर आयुक्त को सौंपे जाने का उल्लेख किया गया। इस मामले में कार्यकारिणी और बोर्ड की आगामी बैठक बुलाए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

29 नवंबर 2025 की बैठक के दौरान शहर में कुत्तों के लिए निर्धारित फीडिंग प्वाइंट को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय हुए थे। सतीश चंद्र सक्सेना ने मांग की कि लोगों को इन फीडिंग प्वाइंट की जानकारी देने के लिए जगह-जगह होर्डिंग लगाए जाएं। साथ ही प्रत्येक वार्ड में निर्धारित फीडिंग प्वाइंट की जानकारी संबंधित क्षेत्रीय पार्षद को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।

उन्होंने जोन कार्यालयों में अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर भी मुद्दा उठाया। उनके अनुरोध पर प्रत्येक जोन कार्यालय में लोगों की जानकारी के लिए बोर्ड लगाए जाने और उस पर यह स्पष्ट रूप से अंकित किए जाने का निर्णय लिया गया कि कौन-कौन से अधिकारी किस दिन जोन कार्यालय में बैठेंगे। इससे आम लोगों को अधिकारियों से मिलने और अपनी समस्याएं रखने में सुविधा होने की उम्मीद है।

25 मार्च 2026 की बैठक में उठाए गए मुद्दों का हवाला देते हुए सतीश चंद्र सक्सेना ने शहर में हुई रोड कटिंग और उससे प्राप्त धनराशि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर मुख्य अभियंता निर्माण को संबंधित विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा गैर-व्यावसायिक भवनों का विवरण भी लेखाधिकारी से उपलब्ध कराने के लिए महापौर द्वारा निर्देशित किया गया।

कार्यकारिणी और नगर निगम बोर्ड की बैठकों में लिए गए निर्णयों के अनुपालन में देरी को लेकर भी सतीश चंद्र सक्सेना ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णय तभी सार्थक होंगे, जब अधिकारी उनका समयबद्ध तरीके से पालन करें। इस पर निर्णय लिया गया कि प्रत्येक विभागाध्यक्ष एजेंडा और कार्यवृत्त का अवलोकन कर तीन दिन के भीतर संबंधित विषयों का निस्तारण सुनिश्चित करें। ऐसा नहीं होने की स्थिति में संबंधित विभागाध्यक्ष के खिलाफ शासन को पत्र भेजने की बात कही गई।

बैठक में सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत डीडीपुरम क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमणों पर कार्रवाई का मुद्दा भी उठा। अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ स्पॉट फाइन लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ रहे अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।

पार्षदों को प्रति बैठक पांच हजार रुपये दिए जाने से संबंधित प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। सतीश चंद्र सक्सेना की ओर से लगाए गए प्रस्ताव के संबंध में शासन को पत्र भेजकर आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करने के निर्देश दिए गए।

निर्माण से संबंधित प्रस्तावों पर भी कार्यकारिणी में चर्चा हुई। प्रस्ताव संख्या दो को धारा 117(6) के अंतर्गत स्वीकृत किया गया। इसके अलावा प्रस्ताव संख्या तीन और पांच को भी मंजूरी दी गई। प्रस्ताव संख्या छह में कई अलग-अलग प्रस्ताव शामिल होने पर सतीश चंद्र सक्सेना ने आपत्ति जताई। इसके बाद प्रत्येक प्रस्ताव को अलग-अलग प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि उन पर स्वतंत्र रूप से चर्चा और निर्णय लिया जा सके।

डीडीपुरम स्थित उदयपुर खास क्षेत्र में लगभग 7,000 वर्ग मीटर भूमि पर प्रस्तावित फूड कोर्ट का मुद्दा बैठक में खासा महत्वपूर्ण रहा। सतीश चंद्र सक्सेना ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि आवासीय भूमि का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधि के लिए किया जाना है तो नियमानुसार भू-उपयोग परिवर्तन कराया जाना चाहिए। साथ ही बरेली विकास प्राधिकरण से नक्शा स्वीकृत कराने और आवश्यक कंपाउंडिंग की प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई।

उन्होंने यह भी कहा कि फूड कोर्ट से जुड़ा विषय केवल कार्यकारिणी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नगर निगम बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से जुड़ा मामला है। उनके अनुरोध पर इस प्रस्ताव को नगर निगम बोर्ड के समक्ष भेजने के निर्देश दिए गए।

मंगलवार की बैठक में शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई अन्य प्रस्ताव भी सामने आए। प्रस्ताव संख्या 91/2 के तहत प्रत्येक वार्ड में 10 हाईमास्ट लाइट लगाए जाने के संबंध में कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही गई। इससे शहर के विभिन्न वार्डों में रात के समय प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

आवारा बंदरों और कुत्तों की समस्या को लेकर भी कार्यकारिणी में गंभीरता दिखाई गई। इन्हें पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर काम शुरू कराने के लिए एक सप्ताह की समयसीमा तय की गई। लंबे समय से बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या से जूझ रहे मोहल्लों में इस निर्णय को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इसके अलावा वार्ड संख्या 40 के गांधीपुरम क्षेत्र में रामलीला गोटिया तालाब की भूमि की पैमाइश कराने के निर्देश भी दिए गए। भूमि की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

कुल मिलाकर नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में पुराने निर्णयों के अनुपालन से लेकर नए विकास कार्यों तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में सतीश चंद्र सक्सेना ‘मम्मा’ ने अधिकारियों से जवाबदेही तय करने, प्रस्तावों को नियमानुसार आगे बढ़ाने और जनता से जुड़े मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अब इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले दिनों में नगर निगम की कार्यप्रणाली से स्पष्ट होगा।

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