यूपी

योगी ने बुजुर्ग महिलाओं के लिए बस यात्रा मुफ्त की, अक्टूबर-नवम्बर में 50 हजार काॅलेज छात्राओं को देंगे मुफ्त स्कूटी, अखिलेश यादव ने कर दिया महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपए देने का ऐलान, पढ़ें चुनावी सीजन में और क्या-क्या मिलने वाला है यूपी की बेटियों को?

Share now

नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को लेकर सियासी मुकाबला तेज होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा और स्नातक की 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में मुफ्त स्कूटी देने का ऐलान किया है, वहीं समाजवादी पार्टी ने सत्ता में आने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये देने की ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ शुरू करने का वादा किया है।
दोनों प्रमुख दलों की घोषणाओं में महिला सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को केंद्र में रखा गया है। ऐसे में चुनावी मौसम में उत्तर प्रदेश की आधी आबादी के लिए योजनाओं और वादों का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना की शुरुआत की। इसके तहत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।
रक्षाबंधन के मौके पर 27, 28 और 29 अगस्त को सभी उम्र की महिलाएं अपने एक सहयात्री के साथ रोडवेज और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। इसके बाद 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को नियमित रूप से मुफ्त बस यात्रा का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने इसी कार्यक्रम में घोषणा की कि स्नातक में पढ़ने वाली 50 हजार छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर में मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। सरकार का तर्क है कि इससे छात्राओं की शिक्षा और आवागमन को आसान बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

सपा का सालाना 40 हजार रुपये का वादा

वहीं महिला समानता दिवस पर समाजवादी पार्टी ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का ऐलान किया। पार्टी ने कहा कि 2027 में सत्ता में आने पर इस योजना के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरुआत में **हर साल 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बाद में इस राशि को बढ़ाने की बात भी कही गई है।

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तीकरण केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, प्रतिनिधित्व और आर्थिक आत्मनिर्भरता देने से होगा। उन्होंने कहा कि ‘स्त्री’ शब्द इसलिए चुना गया है ताकि योजना किसी खास उम्र की महिलाओं तक सीमित न रहे।
सपा के मुताबिक प्रस्तावित योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इसमें महिलाओं को आर्थिक सहायता के अलावा शिक्षा, रोजगार और प्रशिक्षण के अवसरों से जोड़ने की बात कही गई है। पार्टी ने मोबाइल फोन, लैपटॉप, वित्तीय सहायता, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण जैसे माध्यमों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का दावा किया है।
डिंपल यादव ने कहा कि आर्थिक मजबूती महिलाओं की परिवार और समाज में स्थिति को मजबूत करने का महत्वपूर्ण आधार है।

योगी ने गिनाईं महिला कल्याण की योजनाएं
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति केंद्र, एआई आधारित ‘सेफ सिटी’ नेटवर्क और 1090 तथा 112 की एकीकृत प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की है।
उन्होंने दावा किया कि 2017 में प्रदेश में करीब 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत भर्ती का प्रावधान किए जाने की बात भी उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सम्मान केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है। घर में शौचालय, बिजली, उज्ज्वला के जरिए धुआंमुक्त ईंधन, नल से जल, पक्का मकान और डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पैसा पहुंचना भी महिला सम्मान और आत्मनिर्भरता का हिस्सा है।

कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल

योगी ने बताया कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, प्रयागराज, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और झांसी समेत कई जिलों में अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक छात्रावास में 500 कामकाजी महिलाओं के लिए मुफ्त रहने की व्यवस्था होगी।

आधी आबादी पर दोनों दलों की नजर

उत्तर प्रदेश में महिला मतदाता लंबे समय से चुनावी नतीजों को प्रभावित करने वाला महत्वपूर्ण वर्ग रही हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा की घोषणाओं से साफ है कि दोनों दल महिला मतदाताओं को अपने पक्ष में मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा सरकार सुरक्षा, सरकारी योजनाओं और सीधे लाभ पहुंचाने को अपनी उपलब्धियों के रूप में पेश कर रही है। दूसरी ओर सपा आर्थिक सहायता, सम्मान और प्रतिनिधित्व के मुद्दे को आगे बढ़ा रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में महिला केंद्रित घोषणाओं की यह प्रतिस्पर्धा और तेज होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *