उत्तराखंड

हाथी उजाड़ रहे हैं काश्तकारों की खेती

राजेंद्र भंडारी, टनकपुर 
हाथी शाम 7 बजे से ही गांव में गेहूं फसल खाने आ जा रहे हैं. कल रात को करीब 1 दर्ज़न काश्तकारों की फसल का नुकसान कर गए हैं जिसमे हरीश राम की लगभग 3 बीघा गेहूं की फसल, लीची के बगीचे को नुकसान कर गए हैं. साथ ही गंगा दत्त जोशी राम लाल,नारायण दत्त ,अम्बा दत्त, हरि दत्त, जयमल सिंह, मान सिंह चरण दत्त, बलदेव जोशी, निलाप सिंह, आन सिंह आदि की गेहूं की फसल चौपट कर गये हैं. 3 से 4 हाथियों का झुंड है जो दिन में भी गांव के पास डेरा जमाये हुए है. न ही वन विभाग इसमें कोई ठोस कदम उठा रहा है और न शासन प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा है. ग्रमीणों ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से सोलर फेंसिंग की मांग करते आ रहे हैं लेेकिन आज तक न तो कोई कार्ययोजना बनी व न ही ठोस नीति.

पिछले 2 -3 वर्षों से फसल नुकसान का आवेदन वन कार्यालय में जमा है लेकिन आज दिन तक कोई मुआवजा नहीं मिला है. वहीं, किसान हरीश ने बताया कि 2 वर्ष पहले का मुआवजा आज तक नहीं मिला है. वन विभाग के खिलाफ कास्तकारों में भारी आक्रोश है.

अब वह आर पार की लड़ाई लड़ने के मूड में हैं. वहीं, शारदा के रेंजर रजवार से पूछने पर वह कहते हैं कि मुख्यालय को सूचना दी गई है जो होगा वहीं से होगा.

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