जालंधर : वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। यही वजह है कि जिन राज्यों में भाजपा अभी भी कमजोर है वहां पर भी संगठन को मजबूत करने की तैयारी आलाकमान ने तेज कर दी है। इसकी शुरुआत पंजाब भाजपा प्रधान विजय सांपला की छुट्टी के साथ कर दी गई है। श्वेत मलिक के पंजाब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद अब जिला अध्यक्ष बदलने की तैयारी की जा रही है।
दरअसल, विगत पंजाब विधानसभा चुनाव और नगर निगम चुनाव में भाजपा को फांसी फजीहत झेलनी पड़ी है। कई जगहों पर तो भाजपा अपनी साख बचाने में भी नाकाम साबित हुई है। स्थानीय स्तर पर पार्टी के अंदर गुटबाजी चरम पर है। यह गुटबाजी उस वक्त भी हावी नजर आ रही थी जबकि भाजपा सत्ता में थी। बात अगर जालंधर की करें तो यहां भाजपा की हालत बहुत बुरी है। मनोरंजन कालिया, केडी भंडारी जैसे धुरंधर भी अपना किला बचाने में नाकाम रहे। जालंधर शहर में भाजपा तेजी से आगे बढ़ रही थी लेकिन गुटबाजी उसे ले डूबी। पूर्व मेयर सुनील ज्योति के खिलाफ सदन में रवि महेंद्रू, गोपाल पेठे वाले समेत अन्य भाजपा नेताओं ने जिस तरह से मोर्चा खोला उससे जनता में पार्टी की छवि बुरी तरह धूमिल हुई। कभी मोहिंदर भगत के घर पर हुई बैठक में गुटबाजी हावी हुई तो तभी अन्य बैठकों में विरोध के सुर बुलंद हुए। भाजपा जिला प्रधान रमेश शर्मा इस गुटबाजी को खत्म करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं। केडी भंडारी और मनोरंजन कालिया के बीच तनातनी आज भी बरकरार है। ऐसे में भाजपा को एक ऐसे चेहरे की तलाश है जो इन दोनों गुटों के बीच सेतु का काम कर सके। लोकसभा चुनाव से पहले अगर भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी खत्म नहीं होती तो आगामी लोकसभा चुनाव में एक बार फिर भाजपा को मुंह की खानी पड़ सकती है।
यही वजह है कि पार्टी हाईकमान अब भाजपा जिला प्रधानों की छुट्टी करने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो यह फेरबदल जल्द ही हो सकता है। इसके लिए एक विशेष कमेटी गठित किए जाने की भी बात की जा रही है. हालांकि किसी ने भी आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है लेकिन सूत्र बताते हैं कि इसमें कुछ हिमाचल के बड़े नेताओं को भी शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। बहरहाल, सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो आने वाला वक्त ही तय करेगा।

पंजाब प्रधान के बाद जालंधर भाजपा प्रधान की होगी छुट्टी!




