बेंगलुरू : कर्नाटक के एक छोटे से गांव के रहने वाले रेवती ने भारतीय प्रशासनिक सेवा की परीक्षा में पूरे देश में तीसरा स्थान प्राप्त किया है. प्रीति बहुत गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है उसके माता पिता दिहाड़ी मजदूर है. रेवती ने बड़ी मुश्किल हालात में अपनी पढ़ाई पूरी की.बड़ी मुश्किल से उसकी फीस का जुगाड़ हो पाता था. वह अपने माता पिता के साथ झोपडी में रहती थी. उसका घर आधुनिक सुख सुविधाओं से कोसों दूर था. कड़ी मेहनत और लगन के बलबूते रेवती ने न सिर्फ आईएएस परीक्षा पास की बल्कि पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल कर दुनिया के सामने एक मिसाल भी बन गई. रेवती ने यह साबित कर दिया कि अगर मन में लगन है और इंसान मेहनत करें तो कोई भी मंजिल दूर नहीं. रेवती उन सभी युवाओं के लिए आज प्रेरणा स्रोत बन गई है जो सिविल सर्विस परीक्षा को पास करना चाहते हैं।

टूटी झोपड़ी से ऩिकलकर आईएस टॉपर बन गई रेवती, जानिये कैसे?




