नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
मानसून का कहर इस समय पूरे उत्तर भारत पर भारी पड़ रहा है। बारिश और भूस्खलन से उत्तर भारत की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है और संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार की सख्त निगरानी और राहत कार्यों के बावजूद लोगों की परेशानी कम होती नहीं दिख रही है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं से अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। हजारों परिवार विस्थापित हो गए हैं और कई राष्ट्रीय राजमार्ग बंद पड़े हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और पहाड़ खिसकने से जगह-जगह तबाही का मंजर है। केंद्र और राज्य सरकारों ने राहत-बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को कश्मीर पहुंचे और हालात की विस्तृत समीक्षा की।
कश्मीर घाटी में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। रामबन, उधमपुर और अनंतनाग जिलों में भूस्खलन से कई मकान ढह गए और सड़कें ध्वस्त हो गईं। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग 36 घंटे से बंद पड़ा है, जिससे कश्मीर घाटी का संपर्क कट गया है। अब तक 15 लोगों की मौत और 40 से अधिक घायल होने की पुष्टि हुई है।
गृह मंत्री अमित शाह ने श्रीनगर में उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन बलों और स्थानीय प्रशासन को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। शाह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात भी की और केंद्र की ओर से त्वरित राहत पैकेज की घोषणा का भरोसा दिलाया।
हिमाचल प्रदेश: पहाड़ दरक रहे, 200 सड़कें ठप
हिमाचल प्रदेश में स्थिति बेहद गंभीर है। शिमला, मंडी, किन्नौर और कुल्लू जिलों में भारी बारिश ने तबाही मचाई है। लगातार भूस्खलन से 25 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग मलबे में दबे बताए जा रहे हैं। 200 से अधिक सड़कें बंद हैं, जिससे दूरदराज के गांवों का संपर्क टूट गया है।
चारधाम यात्रा मार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन होने से यात्री फंसे हुए हैं। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और सेना की मदद ली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।
उत्तराखंड: नदियां उफान पर, यात्रा टली
उत्तराखंड में गंगा, अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है। 18 लोगों की मौत और सैकड़ों परिवार विस्थापित हो चुके हैं।
चारधाम यात्रा पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले मार्ग कई जगह बाधित हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि अगले कुछ दिनों तक यात्रा स्थगित रखें।
पंजाब: बाढ़ से गांव जलमग्न
मैदानी राज्य पंजाब भी भारी बारिश की मार झेल रहा है। सतलुज और ब्यास नदियों का जलस्तर खतरनाक स्तर पर है। लुधियाना, जालंधर और फिरोजपुर जिलों के निचले इलाकों में पानी घुसने से सात लोगों की मौत हो गई है। हजारों लोग प्रभावित हैं और सैकड़ों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। सेना और एनडीआरएफ की टीमें लगातार बचाव कार्य कर रही हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 72 घंटे बेहद अहम रहेंगे। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पंजाब और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ और जलभराव का खतरा बरकरार है।
राज्यवार स्थिति
जम्मू-कश्मीर: 15 मौतें, श्रीनगर-जम्मू हाईवे बंद, अमित शाह ने हालात की समीक्षा की।
हिमाचल प्रदेश: 25 मौतें, 200+ सड़कें ठप, चारधाम मार्ग प्रभावित।
उत्तराखंड: 18 मौतें, नदियां खतरे के निशान से ऊपर, चारधाम यात्रा स्थगित।
पंजाब: 7 मौतें, कई गांव बाढ़ से घिरे, सेना और NDRF राहत में जुटी।
हिमाचल, उत्तराखंड में भूस्खलन से 5 लोगों की मौत
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हो गई जबकि पहले से ही बाढ़ प्रभावित पंजाब में सोमवार को फिर मूसलाधार बारिश हुई, जिसके कारण राज्य के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए। हिमाचल में कई स्थानों पर भारी बारिश हुई और शिमला में भूस्खलन की दो अलग-अलग घटनाओं में 35 वर्षीय एक व्यक्ति और उसकी बेटी सहित तीन लोगों की बीती रात मौत हो गई। शिमला शहर के बाहरी इलाके जुन्गा के दुबलू क्षेत्र में रात को हुए भूस्खलन में वीरेंद्र कुमार और उनकी दस वर्षीय बेटी की मौत हो गई लेकिन वीरेंद्र की पत्नी, जो घर के बाहर थीं, बच गईं। वहीं, उएक अन्य घटना में शिमला के कोटखाई क्षेत्र के चोल गांव में सोमवार तड़के एक बुजुर्ग महिला का मकान ढह जाने से उसकी मौत हो गई। उसकी पहचान कलावती के रूप में हुई और उसका शव मलबे से निकाल लिया गया है। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड में केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को भूस्खलन से दो लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना सुबह 7.34 बजे सोनप्रयाग और गौरीकुंड के बीच मुनकटिया के पास हुई। रुद्रप्रयाग जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह राजवार ने कहा कि मुनकटिया में पहाड़ी से पत्थर गिरे और सड़क से गुजर रहे एक वाहन से टकरा गए, जिससे दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई और छह को अस्पताल ले जाया गया। पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के कई हिस्सों में सोमवार को बारिश हुई, जिसमें लुधियाना में सबसे अधिक 216.70 मिमी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण पंजाब के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं। पंजाब सरकार ने सोमवार को लगातार बारिश के कारण सभी कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और पॉलिटेक्निक संस्थानों को तीन सितंबर तक बंद करने की घोषणा की है। अधिकारियों के अनुसार, पंजाब में अगस्त में 253.7 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से 74 प्रतिशत अधिक है और राज्य में 25 वर्षों में सबसे अधिक है। बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित गांव पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिलों में हैं। हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन के कारण शिमला-कालका रेलमार्ग पर चलने वाली छह रेलगाड़ियां रद्द कर दी गईं तथा राज्य में 793 सड़कें बंद हैं। स्थानीय मौसम कार्यालय ने सोमवार को ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए मंगलवार तक चार से छह जिलों के अलग-अलग इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। सिरमौर के चौरास क्षेत्र में एक मकान ढह गया। शिमला के रोहड़ क्षेत्र के दयाल मोरी गांव में एक महिला लापता हो गई जबकि भूस्खलन के बाद रविवार देर रात चार परिवारों के दस लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। शिकडी नदी का जलस्तर बढ़ने से इसके आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई है। उत्तराखंड में बारिश का कहर लगभग रोजाना लोगों की जान ले रहा है। राज्य के टिहरी और पिथौरागढ़ जिलों में रविवार को बारिश से संबंधित अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में 29 अगस्त की सुबह भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण छह लोगों की मौत हो गई और 11 अन्य लोग लापता हो गए। भूस्खलन के कारण मकान क्षतिग्रस्त हो गए और लोग मलबे के ढेर में दब गए। चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर जिलों में शुक्रवार को प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर देखा गया। यह आपदा 23 अगस्त को थराली में आई आपदा के तुरंत बाद आई है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और एक अन्य व्यक्ति लापता हो गया।





