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इनसे सीखें : सियासत में लौटे संस्कार, एक मंच, एक संदेश: राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खान ने दिखाया समाजवादी एकता का दम, जानिये क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ पार्षद और महानगर उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल की ओर से हाल ही में कंबल वितरण और खिचड़ी भोज का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक सामान्य आयोजन नहीं था, बल्कि पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया। बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग इस आयोजन में पहुंचे और उन्हें सर्दी से बचाव के लिए कंबल वितरित किए गए। साथ ही सभी को खिचड़ी भोज भी कराया गया। लोगों ने इस आयोजन को सेवा और समर्पण की मिसाल बताया और राजेश अग्रवाल को जरूरतमंदों का सच्चा मददगार बताया।

इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि समाजवादी पार्टी के कैंट विधानसभा सीट से टिकट के दो प्रमुख दावेदार एक ही मंच पर नजर आए। कार्यक्रम के आयोजक राजेश अग्रवाल के साथ समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष इंजीनियर अनीस अहमद खान भी मंच पर मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने एक साथ जरूरतमंदों को कंबल बांटे और जनता को यह संदेश दिया कि समाजवादी पार्टी में आपसी एकता और सहयोग सबसे ऊपर है।

यह कोई साधारण कंबल वितरण कार्यक्रम नहीं था। इस आयोजन के जरिए दोनों नेताओं ने अपने विरोधियों और पार्टी के भीतर के अन्य दावेदारों को भी यह स्पष्ट संकेत दिया कि टिकट की दावेदारी अलग बात है, लेकिन जब जनता की सेवा की बात आएगी तो समाजवादी पार्टी का हर नेता और हर कार्यकर्ता एकजुट होकर खड़ा नजर आएगा। आमतौर पर देखा जाता है कि विधानसभा टिकट के दावेदार आपस में खींचतान में उलझे रहते हैं और एक-दूसरे से दूरी बनाकर रखते हैं, लेकिन राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खान ने इस परंपरा को तोड़ दिया।

राजेश अग्रवाल वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार रह चुके हैं। इस बार वह कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वह पिछले लगभग पांच वर्षों से लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। हालांकि उनकी राजनीतिक तैयारी तो पिछले तीन दशकों से भी अधिक पुरानी मानी जाती है, लेकिन कैंट सीट को लेकर उनकी सक्रियता पिछले पांच सालों में काफी तेज हुई है। समाजवादी पार्टी के हिंदू दावेदारों में फिलहाल उनका नाम सबसे आगे माना जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर मुस्लिम दावेदारों में इंजीनियर अनीस अहमद खान का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इंजीनियर अनीस अहमद खान समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। कुछ समय पहले पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सार्वजनिक रूप से उन्हें कैंट विधानसभा सीट से उम्मीदवार बताया था। हालांकि यह टिकट की औपचारिक घोषणा नहीं थी, लेकिन इससे यह साफ हो गया था कि पार्टी नेतृत्व की नजर में वह एक मजबूत दावेदार हैं।

कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने मंच से कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य जनता की सेवा है। राजनीति केवल चुनाव और टिकट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जब गरीब और जरूरतमंद ठंड में ठिठुर रहे हों, तो नेताओं का पहला कर्तव्य उनकी मदद करना है। उन्होंने कहा कि टिकट चाहे किसी को भी मिले, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेता हमेशा एक साथ खड़े रहेंगे और जनता के हित में काम करते रहेंगे।

इंजीनियर अनीस अहमद खान पहले भी ऐसे उदाहरण पेश कर चुके हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में वह कैंट सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे, लेकिन अंतिम समय में पार्टी ने सुप्रिया ऐरन को उम्मीदवार घोषित कर दिया। उस समय भी इंजीनियर अनीस अहमद खान ने पार्टी के फैसले का सम्मान किया और सुप्रिया ऐरन के समर्थन में खुलकर सामने आए। उन्होंने न केवल मंच से लोगों से सुप्रिया ऐरन को जिताने की अपील की, बल्कि अपनी पूरी टीम को भी प्रचार-प्रसार में लगा दिया था। इससे उनकी पार्टी के प्रति निष्ठा और अनुशासन साफ दिखाई देता है।

इसी तरह इस बार भी जब राजेश अग्रवाल ने उन्हें कंबल वितरण और खिचड़ी भोज कार्यक्रम में आमंत्रित किया, तो उन्होंने बिना किसी संकोच के आमंत्रण स्वीकार किया और अपनी प्रभावी मौजूदगी दर्ज कराई। वहीं राजेश अग्रवाल भी प्रशंसा के पात्र हैं कि उन्होंने यह नहीं सोचा कि इंजीनियर अनीस अहमद खान उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। उन्होंने उन्हें न सिर्फ मंच पर बुलाया, बल्कि सम्मानपूर्वक उनके हाथों से भी कंबल वितरण कराया और पूरा मान-सम्मान दिया।

कंबल वितरित करते राजेश अग्रवाल, इंजीनियर अनीस अहमद खां, शमीम खां सुल्तानी और अन्य।

इस आयोजन में समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी भी मौजूद रहे और उन्होंने मंच से इस आयोजन की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खान का यह प्रयास समाजवादी पार्टी की एकता और सेवा भावना को मजबूत करता है और ऐसे कार्यक्रमों से जनता के बीच पार्टी की सकारात्मक छवि बनती है।

सही मायनों में देखा जाए तो राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खान का यह मेल गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी है। एक ओर हिंदू समाज से आने वाले नेता और दूसरी ओर मुस्लिम समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले नेता, दोनों ने मिलकर जरूरतमंदों की सेवा की। इससे यह संदेश भी गया कि समाजवादी पार्टी सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली पार्टी है और यहां धर्म या जाति से ऊपर उठकर राजनीति की जाती है।

फिलहाल समाजवादी पार्टी के लिए यह आयोजन एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी इस बात की चर्चा है कि अगर टिकट के दावेदार इस तरह आपस में मिलकर काम करेंगे तो पार्टी को मजबूती मिलेगी। विरोधियों को भी यह स्पष्ट संदेश गया कि समाजवादी पार्टी में कोई आपसी फूट नहीं है, बल्कि यहां नेता एक-दूसरे के साथ खड़े होकर जनता का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहे हैं।

कुल मिलाकर कंबल वितरण और खिचड़ी भोज का यह आयोजन केवल एक सामाजिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण रहा। राजेश अग्रवाल और इंजीनियर अनीस अहमद खान ने मिलकर यह साबित कर दिया कि राजनीति केवल टकराव का नाम नहीं है, बल्कि साथ रहकर, एक-दूसरे का सम्मान करते हुए और जनता की सेवा करके भी साफ-सुथरी और सकारात्मक राजनीति की जा सकती है। इस आयोजन ने समाजवादी पार्टी की एकता, अनुशासन और सेवा भावना का मजबूत संदेश दिया है, जिसकी चर्चा आने वाले दिनों तक शहर की राजनीति में बनी रहेगी।

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