नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी के स्टार प्रचारक और जुझारू समाजवादी नेता कन्हैया निषाद इन दिनों उत्तर प्रदेश की सियासत में खासे चर्चा में हैं। कुशीनगर से शुरू की गई उनकी पीडीए समाजवादी साइकिल विजय रथ यात्रा अब प्रदेश के अलग-अलग जिलों से होती हुई बरेली पहुंच चुकी है। शुक्रवार को जब कन्हैया निषाद बरेली महानगर के अंतर्गत आने वाले कैंट विधानसभा क्षेत्र में दाखिल हुए, तो यहां उनका स्वागत केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि समाजवादी एकजुटता का मजबूत संदेश बनकर सामने आया।

कैंट विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रबल दावेदार, मैक्स सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड फहमी आईवीएफ सेंटर के डायरेक्टर और जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनीस बेग ने अपनी पूरी टीम के साथ कन्हैया निषाद का भव्य स्वागत किया। फूलों की वर्षा, शॉल ओढ़ाकर सम्मान और गर्मजोशी से भरा अभिनंदन यह बताने के लिए काफी था कि बरेली में समाजवादी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच इस यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह है।

डॉ. अनीस बेग ने इस मौके पर बताया कि कन्हैया निषाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के संदेश को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाने के संकल्प के साथ इस कठिन यात्रा पर निकले हैं। यह कोई साधारण यात्रा नहीं है, बल्कि एक ऐसा अभियान है जिसमें नेता और जनता के बीच की दूरी को मिटाने की कोशिश साफ नजर आती है। कन्हैया निषाद न किसी काफिले के साथ चलते हैं, न किसी दिखावे के साथ। वह अकेले साइकिल पर, सीमित सामान के साथ, लगातार जिलों का सफर तय कर रहे हैं।

डॉ. अनीस बेग ने बताया कि कन्हैया निषाद अपनी साइकिल पर ही रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लेकर चलते हैं। रास्ते में कहीं भोजन मिल गया तो कर लिया, नहीं मिला तो बिना रुके आगे बढ़ गए। न कोई आराम, न कोई विशेष सुविधा- सिर्फ समाजवाद की अलख जगाने का जुनून। यही वजह है कि यह यात्रा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ रही है।

अब तक कन्हैया निषाद 20 से अधिक जिलों की यात्रा पूरी कर चुके हैं और उनका लक्ष्य विधानसभा चुनाव से पहले पूरे उत्तर प्रदेश का दौरा करना है। बरेली के बाद उनका अगला पड़ाव रामपुर जिला होगा और फिर मुरादाबाद होते हुए वह आगे की यात्रा जारी रखेंगे। हर जिले में उनका प्रयास यही है कि वह सीधे आम लोगों से संवाद करें और समाजवादी पार्टी की नीतियों को सरल भाषा में समझाएं।
बरेली में हुए स्वागत कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनीस बेग ने साफ शब्दों में कहा कि जब पार्टी के ऐसे सच्चे और समर्पित सिपाही मैदान में उतरकर जनता से सीधे जुड़ रहे हैं, तो आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जीत को कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रदेश की जनता एक बार फिर अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने का मन बना चुकी है।

डॉ. अनीस बेग ने कन्हैया निषाद को अपने कार्यालय भी ले गए, जहां उनके जज्बे और संघर्ष को सम्मानपूर्वक सराहा गया। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें राजनीतिक चर्चा के साथ-साथ समाजवादी आंदोलन का भावनात्मक जुड़ाव भी साफ दिखाई दिया। इसी दौरान एक प्रतीकात्मक और संदेश देने वाला दृश्य भी सामने आया, जब डॉ. अनीस बेग ने खुद कुछ दूर तक कन्हैया निषाद की साइकिल चलाई। यह दृश्य बरेली में समाजवादी एकता और साझा संघर्ष का प्रतीक बन गया।

अनीस बेग का कहना है कि कन्हैया निषाद की यह साइकिल यात्रा खास तौर पर युवाओं और पिछड़े समाज के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है। आज के दौर में जब राजनीति अक्सर बड़े मंचों, महंगे प्रचार और सोशल मीडिया तक सीमित होती जा रही है, वहीं यह यात्रा जमीन से जुड़ी राजनीति की याद दिलाती है। लोग सड़क किनारे रुककर उनसे बात करते हैं, तस्वीरें खिंचवाते हैं और अपनी समस्याएं साझा करते हैं।
डॉ. अनीस बेग का मानना है कि बरेली जैसे शहर में, जहां सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बेहद अहम है, ऐसी यात्राएं समाजवादी पार्टी को मजबूती देती हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए का संदेश केवल एक राजनीतिक नारा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, बराबरी और सम्मान की लड़ाई है। समाजवादी पार्टी इसी विचारधारा के साथ जनता के बीच जा रही है।

कन्हैया निषाद की यह यात्रा आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आएंगे, राजनीतिक गतिविधियां तेज होंगी। ऐसे समय में एक सादा, संघर्षपूर्ण और समर्पण से भरी साइकिल यात्रा सत्ता के खिलाफ एक वैकल्पिक राजनीति का चेहरा पेश करती है।
बरेली में अनीस बेग और कन्हैया निषाद की यह मुलाकात केवल एक स्वागत कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह संकेत भी थी कि आने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी जमीनी स्तर पर पूरी ताकत के साथ उतरेगी। एक ओर कन्हैया निषाद जैसे नेता प्रदेश भर में घूमकर पीडीए का संदेश दे रहे हैं, तो दूसरी ओर अनीस बेग जैसे स्थानीय चेहरे अपने क्षेत्र में संगठन को मजबूती देने में जुटे हैं। अनीस बेग के स्वागत और समर्थन से कन्हैया निषाद की साइकिल यात्रा को नई ऊर्जा मिली है और यह यात्रा आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति में और भी गूंज पैदा कर सकती है।





