नीरज सिसौदिया, बरेली
शहर के प्रतिष्ठित अनीस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड फहमी आईवीएफ सेंटर में अब किडनी से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए अत्याधुनिक नेफ्रोलॉजी सेवाओं का विस्तार किया गया है। इस नई सुविधा के शुरू होने से मरीजों को अब उच्च स्तरीय इलाज और विशेषज्ञ परामर्श स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, यहां एमबीबीएस, एमडी मेडिसिन और डीएम नेफ्रोलॉजी से प्रशिक्षित विशेषज्ञों की टीम किडनी रोगियों का इलाज करेगी। अस्पताल के प्रबंधक डॉ. अनीस बेग ने बताया कि वर्तमान समय में किडनी से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, खासकर मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीजों में इसका खतरा अधिक देखा जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल में आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित नेफ्रोलॉजी विभाग विकसित किया गया है।

उन्होंने जानकारी दी कि यहां एक्यूट (अचानक होने वाली) और क्रॉनिक (दीर्घकालिक) किडनी रोग, मधुमेह जनित किडनी रोग, ग्लोमेरुलर रोग सहित कई जटिल बीमारियों का प्रभावी इलाज किया जाएगा। इसके अलावा क्रिटिकल केयर नेफ्रोलॉजी, इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन, अम्ल-क्षार विकार, अनियंत्रित हाईपरटेंशन और गर्भावस्था से संबंधित किडनी रोगों का उपचार भी विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाएगा।

नेफ्रोलॉजी विभाग में नव नियुक्त विशेषज्ञ डॉ. मोहम्मद आमिर अंसारी मरीजों को परामर्श और उन्नत उपचार प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि किडनी की बीमारी का असर केवल किडनी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हृदय सहित शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए समय पर जांच और सही उपचार बेहद आवश्यक है।

अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि नई सेवाओं के माध्यम से मरीजों को बेहतर देखभाल, आधुनिक मशीनों और नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का लाभ मिलेगा। इस पहल से बरेली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को अब बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी और उन्हें अपने ही शहर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।





