नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर मढ़ीनाथ से निकली भव्य शोभा यात्रा का समाजवादी पार्टी के नेताओं ने रविन्द्र नगर में गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सपा नेताओं ने कैम्प लगाकर पुष्प वर्षा की और शोभा यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यह स्वागत कैम्प समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कैम्प का आयोजन सपा के निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष समर्थ मिश्रा द्वारा किया गया था। शोभा यात्रा जैसे ही रविन्द्र नगर पहुंची, वहां मौजूद सपा नेताओं ने भगवान परशुराम जी के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
महानगर अध्यक्ष शमीम खाँ सुल्तानी ने इस अवसर पर सभी लोगों को भगवान परशुराम जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति और परंपरा के महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इन आयोजनों से नई पीढ़ी को संस्कार, संस्कृति और सामाजिक एकता को समझने का अवसर मिलता है।
शमीम खाँ सुल्तानी ने राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जब अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी, तब भाजपा सरकार द्वारा समाप्त किया गया भगवान परशुराम जयंती का सार्वजनिक अवकाश फिर से घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा सभी धर्मों और समाज के सम्मान की पक्षधर रही है।

इस दौरान समर्थ मिश्रा ने शोभा यात्रा में शामिल विप्र समाज के लोगों का अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया। साथ ही पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, साहस और धर्म की रक्षा के प्रतीक हैं। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं।
कार्यक्रम में सपा के कई प्रमुख नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें महानगर उपाध्यक्ष राजेश मौर्या, कैंट विधानसभा अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, प्रमोद यादव एडवोकेट, अतुल पाराशरी, अविनाश मिश्रा, आकाश यादव, अमित गिहार, दीप्ति पांडेय, प्रवीण मिश्रा, अनुज प्रताप सिंह, विद्धांत भारद्वाज और जे. पी. यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह और श्रद्धा का माहौल बना रहा। शोभा यात्रा में शामिल लोगों ने समाजवादी पार्टी द्वारा किए गए स्वागत की सराहना की। धार्मिक और सामाजिक समरसता का यह दृश्य लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।





