नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली में समाजवादी पार्टी के भीतर संगठन को मजबूती देने की कवायद लगातार तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव और महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने जिस तरह देर रात तक कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश दिया, उसने स्थानीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। खास बात यह रही कि दोनों नेता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा लखनऊ में बुलाई गई महत्वपूर्ण और इमरजेंसी बैठक में शामिल होकर लौटे थे, लेकिन थकान के बावजूद सीधे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे।
दरअसल, समाजवादी पार्टी के बरेली शहर विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हसीव खान ने अपने रहपुरा चौधरी स्थित आवास पर जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव के सम्मान में एक भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया था। पार्टी कार्यकर्ता देर शाम से ही उनके इंतजार में जुटे हुए थे। लखनऊ में चली लंबी बैठक के कारण शुभलेश यादव और शमीम खां सुल्तानी को वापस लौटने में रात के 11 बज गए, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह कम नहीं हुआ। जैसे ही दोनों नेता हसीव खान के आवास पहुंचे, वहां मौजूद सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया और जोरदार नारेबाजी के बीच माहौल पूरी तरह समाजवादी रंग में रंग गया।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन सिर्फ स्वागत समारोह नहीं था, बल्कि इसके जरिए पार्टी नेतृत्व ने यह संदेश देने की कोशिश की कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने में जुट चुकी है। देर रात तक चले कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच जिस तरह संवाद हुआ, उससे साफ संकेत मिला कि पार्टी अब जमीनी नेटवर्क को मजबूत करने की रणनीति पर तेजी से काम कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव का स्पष्ट संदेश है कि संगठन को गांव, वार्ड और बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि हर बीएलए अपने-अपने बूथ पर कम से कम पांच नए सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य लेकर काम करे। उनका कहना था कि संगठन जितना मजबूत होगा, चुनावी लड़ाई में पार्टी उतनी ही मजबूती से खड़ी दिखाई देगी।

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी केवल चुनावी राजनीति तक सीमित दल नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय, भाईचारे और लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई लड़ने वाला आंदोलन भी है। ऐसे में कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है कि वे पार्टी की नीतियों और अखिलेश यादव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएं। शुभलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और समाजवादी पार्टी उस उम्मीद का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभर रही है।

महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत बूथ स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जिस भरोसे के साथ नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं, उस पर पूरी निष्ठा और मेहनत से काम किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आपसी समन्वय और अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आने वाला समय समाजवादी पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
इस दौरान नेताओं ने शहर विधानसभा अध्यक्ष हसीव खान के प्रयासों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जिस तरह हसीव खान लगातार कार्यकर्ताओं को जोड़ने और संगठनात्मक कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, वह पार्टी के लिए सकारात्मक संकेत है। स्थानीय स्तर पर मजबूत नेटवर्क तैयार करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कार्यक्रम का एक भावनात्मक पहलू भी देखने को मिला, जब शुभलेश यादव और शमीम खां सुल्तानी ने हसीव खान के पुत्र नवील खान को 12वीं की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल करने पर बधाई दी। नेताओं ने नवील खान के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा और राजनीतिक जागरूकता दोनों समाज को मजबूत बनाने के लिए जरूरी हैं। इस मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने भी तालियों के साथ नवील खान का उत्साहवर्धन किया।
हसीव खान ने अपने संबोधन में कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में इस समय जबरदस्त उत्साह है और शुभलेश यादव तथा शमीम खां सुल्तानी के नेतृत्व में पार्टी जिले की सभी नौ विधानसभा सीटों पर मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी बरेली में बड़ी सफलता हासिल करेगी और प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

राजनीतिक रूप से देखा जाए तो बरेली जिला हमेशा से समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। यहां संगठनात्मक मजबूती और जातीय-सामाजिक समीकरण चुनावी परिणामों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में पार्टी नेतृत्व की कोशिश है कि पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने के साथ-साथ नए युवाओं को भी संगठन से जोड़ा जाए। यही वजह है कि अब सदस्यता अभियान और बूथ प्रबंधन पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
लखनऊ में हुई बैठक को लेकर भी कार्यकर्ताओं के बीच काफी चर्चा रही। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व ने आगामी राजनीतिक रणनीति, संगठन विस्तार और चुनावी तैयारियों को लेकर अहम दिशा-निर्देश दिए हैं। शुभलेश यादव और शमीम खां सुल्तानी का देर रात लौटने के बावजूद सीधे कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कुल मिलाकर यह कार्यक्रम समाजवादी पार्टी के भीतर बढ़ती सक्रियता और चुनावी तैयारियों का संकेत देता नजर आया। देर रात तक चले इस आयोजन ने यह साफ कर दिया कि पार्टी नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने की कोशिश में जुट चुका है।
स्वागत कार्यक्रम में लगभग 900 से 1000 लोगों की व्यवस्था की गई थी और कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा। इस अवसर पर मुख्य रूप से बानखाना पार्षद शमीम अहमद, इकबाल रजा, पंडित दीपक शर्मा, कैंट विधानसभा अध्यक्ष हरिओम प्रजापति, राजेश मौर्य, शेर सिंह गंगवार, नीरज गुप्ता, नाजिम कुरैशी, अशोक यादव, हैप्पी यादव, हिरदेश यादव, जितेंद्र मुंडे, सिंपल कनौजिया, शहाबुद्दीन, इंजीनियर अब्दुल हफीज, पूर्व पार्षद आशिक हुसैन, पूर्व पार्षद मुख्तार खान, हाजी शकील अशरफी सहित शहर विधानसभा क्षेत्र के कई जिम्मेदार पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




