नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बरेली कैंट विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। अब तक इस सीट पर भाजपा की दावेदारी की चर्चा मुख्य रूप से मौजूदा विधायक संजीव अग्रवाल और बरेली के मेयर उमेश गौतम के इर्द-गिर्द घूम रही थी, लेकिन वरिष्ठ भाजपा नेता हर्षवर्धन की सक्रियता ने इस मुकाबले में नया कोण जोड़ दिया है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर हर्षवर्धन की ओर से सोशल मीडिया पर जारी किया गया पोस्टर इस बात का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कैंट विधानसभा क्षेत्र में अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज करने का मन बना लिया है।
भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर हर्षवर्धन ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक पोस्टर साझा किया। पोस्टर पर प्रमुखता से ‘125 बरेली कैंट विधानसभा’ लिखा गया है। पोस्टर के कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘आप सभी को जय श्री कृष्णा…’। पोस्टर में ‘सेवा, सुशासन और विकास के संकल्प के साथ तीसरी बार भाजपा सरकार’, ‘जन-जन का साथ, विकास की बात, सबका विश्वास’ जैसे नारे लिखे गए हैं। इसके साथ ही नीचे ‘आपका हर्षवर्धन, 125 बरेली कैंट विधानसभा’ लिखा गया है।
राजनीतिक रूप से इस पोस्टर की टाइमिंग को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह पोस्ट तब सामने आया है जब भाजपा की ब्रज क्षेत्र कार्यकारिणी की नई टीम की घोषणा हो चुकी है। हर्षवर्धन पिछले कई वर्षों से भाजपा ब्रज क्षेत्र के उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालते रहे हैं, लेकिन नई कार्यकारिणी में उन्हें स्थान नहीं मिला। संगठन की नई टीम में जगह नहीं मिलने के बाद अब उनका सीधे विधानसभा क्षेत्र की राजनीति पर फोकस बढ़ना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
** भाजपा की राजनीति में संगठनात्मक पद किसी भी नेता की सक्रियता और राजनीतिक भूमिका का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में ब्रज क्षेत्र की नई टीम में हर्षवर्धन की गैरमौजूदगी के बाद उनका कैंट विधानसभा के नाम और नंबर के साथ पोस्टर जारी करना कई तरह के सियासी संदेश दे रहा है। इसे केवल जन्माष्टमी की शुभकामना वाला पोस्टर मानने के बजाय उनके समर्थक इसे 2027 की चुनावी तैयारी की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं।
हर्षवर्धन की खासियत यह है कि वह भाजपा की राजनीति में नए चेहरे नहीं हैं। उन्हें करीब 28 वर्षों का संगठनात्मक अनुभव हासिल है। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहने के कारण पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्तर के राजनीतिक समीकरणों से उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि उनकी कैंट विधानसभा में सक्रियता ने भाजपा के भीतर टिकट को लेकर चल रही चर्चाओं को और दिलचस्प बना दिया है।
अब तक कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा के संभावित दावेदारों के रूप में दो प्रमुख चेहरे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे हैं। इनमें मौजूदा विधायक संजीव अग्रवाल एक स्वाभाविक दावेदार माने जा रहे हैं, क्योंकि वह वर्तमान में सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दूसरी ओर बरेली के मेयर उमेश गौतम का नाम भी लंबे समय से कैंट सीट के संभावित दावेदारों की चर्चाओं में शामिल रहा है। ऐसे में हर्षवर्धन की सक्रियता ने इस मुकाबले को दो ध्रुवों से आगे बढ़ाकर तीन प्रमुख चेहरों के बीच ला खड़ा किया है।
हालांकि विधानसभा चुनाव में अंतिम प्रत्याशी का फैसला भाजपा का केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व करता है और अभी टिकट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन राजनीति में कई बार नेताओं की सोशल मीडिया गतिविधियां भी उनके इरादों का संकेत देती हैं। हर्षवर्धन का पोस्टर इसी नजरिए से देखा जा रहा है। खासतौर पर तब, जब पोस्टर में सामान्य शुभकामना संदेश के साथ स्पष्ट रूप से ‘125 बरेली कैंट विधानसभा’ और अपना नाम प्रमुखता से दिया गया है।

हर्षवर्धन के समर्थकों में भी इस पोस्ट को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। समर्थकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कैंट विधानसभा क्षेत्र की दीवारों, चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर हर्षवर्धन की मौजूदगी और अधिक दिखाई दे सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह साफ संकेत होगा कि हर्षवर्धन अब संगठनात्मक राजनीति से आगे बढ़कर चुनावी राजनीति में अपनी दावेदारी को मजबूती देने की कोशिश कर रहे हैं।
कैंट विधानसभा सीट भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षेत्र रही है। ऐसे में पार्टी के भीतर टिकट के लिए बढ़ती दावेदारी आने वाले महीनों में स्थानीय राजनीति को और गरमा सकती है। मौजूदा विधायक संजीव अग्रवाल और मेयर उमेश गौतम के बीच अब हर्षवर्धन का संगठनात्मक अनुभव एक अलग समीकरण तैयार कर सकता है।
हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि भाजपा नेतृत्व कैंट सीट पर किस चेहरे को मैदान में उतारेगा। लेकिन इतना जरूर है कि हर्षवर्धन ने खुद को चुनावी दौड़ में शामिल करने का संकेत दे दिया है। 28 वर्षों के संगठनात्मक अनुभव वाले इस वरिष्ठ नेता की एंट्री ने कैंट विधानसभा की भाजपा की अंदरूनी राजनीति को पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।
आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि हर्षवर्धन की यह सोशल मीडिया सक्रियता कितनी जल्दी जमीनी राजनीतिक अभियान में बदलती है और क्या वह पार्टी के भीतर अपनी दावेदारी को मौजूदा विधायक संजीव अग्रवाल और मेयर उमेश गौतम के बराबर खड़ा कर पाते हैं। फिलहाल जन्माष्टमी के पोस्टर ने इतना तो साफ कर दिया है कि बरेली कैंट की 2027 की चुनावी पटकथा में हर्षवर्धन ने अपना नाम लिखना शुरू कर दिया है।




