नीरज सिसौदिया, जालंधर
वार्ड नंबर 78 में विकास के लिए खींचतान तो हमेशा से चली आ रही है| सियासी लड़ाई में वार्ड के कई इलाके विकास से महरूम रह गए| कांग्रेस नेता जगदीश समराय जब पार्षद बने तो उन्हें अपनी ही पार्टी के पूर्व पार्षद प्रदीप राय से विरासत में टूटी हुई सड़कें, आवारा पशुओं का आतंक और इलाकों का पिछड़ापन ही मिला| 5 साल तक प्रदीप राय पार्षद तो रहे लेकिन विकास के नाम पर वार्ड एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका| यही वजह रही कि प्रदीप राय को न तो पार्टी ने टिकट दी और ना ही जनता ने प्यार दिया| प्रदीप राय इलेक्शन में खड़े हुए और जमानत भी जब तक करा बैठे|
पिछड़ा हुआ वार्ड जगदीश समराय के खाते में आया तो उन्होंने विकास का खाका तैयार किया और एक सिरे से विकास की तैयारी शुरू की| सबसे पहले उन्होंने चुनौती के रूप में अति पिछड़े क्षेत्र को लिया| जगदीश समराय ने अपनी तरफ से एक प्रस्ताव तैयार किया जिसमें रतन नगर और न्यू रतन नगर इलाके को अति पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग शामिल थी| जगदीश सम्राट ने खामोशी से अपना काम किया और बिना किसी शोरगुल के यह प्रस्ताव नगर निगम हाउस की बैठक में नसीब शामिल करवाया बल्कि उसे पास भी करवाया| यह काम सिर्फ 5 महीने के भीतर ही समराय ने कर दिखाया| खासकर समराय के लिए इसे बड़ी उपलब्धि इसलिए माना जा रहा है कि वह विधायक सुशील कुमार रिंकू के समर्थक हैं और प्रदीप राय नगर निगम के मेयर जगदीश राजा के करीबी हैं| प्रदीप राय विधायक धसुशील कुमार रिंकू का खुला विरोध कई बार कर चुके हैं| राय इतना विरोध कर चुके हैं कि अब कांग्रेस पार्टी ने भी उनके विरोध को गंभीरता से लेना बंद कर दिया है| यही वजह है कि अब तक प्रदीप राय को पार्टी से निकाला नहीं गया फिर चाहे वह अपने ही विधायक के खिलाफ कुछ भी करते रहे होॅ। फिलहाल प्रदीप राय की स्थिति खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली हो गई है| जनता ने तो उन्हें नकार ही दिया और आजाद उम्मीदवार के तौर पर वह अपनी जमानत भी जब तक करा बैठे| वहीं पार्टी ने भी उनके सियासी कैरियर पर ब्रेक लगा दी है| वहीं रतन नगर और न्यू रतन नगर को अति पिछड़ा क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव पास कराकर जगदीश समरायने विकास के लिए मील का पत्थर खड़ा कर दिया है। प्रदीप राय यह काम पिछले 5 सालों में नहीं कर पाए और उनसे पहले के पार से टक्कर भी विकास को यह गति देने में नाकाम रहे हैं| सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि जगदीश समराय ने लाखों रुपए के सड़क निर्माण के प्रोजेक्ट भी पास कर आए हुए हैं जिन पर जल्द ही काम शुरू होने वाला है| 5 महीने में ही विकास की झलक दिखाने वाले जगदीश सम राय के प्रयास रंग लाने लगे हैं और जनता भी उन्हें सिर आंखों पर बिठा रही है| जगदीश समराय ने कहा कि विकास के लिए ही वह पार्षद बने हैं और वह अपना काम पूरी इमानदारी के साथ करेंगे चाहे उसमें कोई भी रोड़ा अटका ने की कोशिश करें|

जो 5 साल में नहीं कर पाए प्रदीप राय, वह कुछ महीनों में कर गए समराय, इलाके के विकास के लिए कराया यह काम, पढ़ें क्या है पूरा मामला?




