नीरज सिसौदिया, जालंधर
नगर निगम के अधिकारी पूरी तरह से बेलगाम हो गए हैं। जब उनका मन करता है काम करते हैं जब नहीं करता है तो आराम करते हैं| अभी तक तो यह मनमानी बिल्डिंग ब्रांच के कर्मचारियों और निचले स्तर के अधिकारियों तक ही सीमित थी लेकिन अब ज्वाइंट कमिश्नर लेवल की अधिकारी की मनमानी पर उतारू हो गए हैं| ताजा उदाहरण ज्वाइंट कमिश्नर कुलविंदर कौर रंधावा का है| वह बिना किसी को बताए छुट्टी पर चली गई और नियर ने निरीक्षण किया तो पकड़ी गईं।
सूत्रों की मानें तो विगत गुरुवार को मेयर ने अचानक निरीक्षण किया तो ज्वाइंट कमिश्नर रंधावा ड्यूटी से गैरहाजिर मिली। पहले जगदीश राज राजा ने सुबह निरीक्षण किया था उसके बाद शाम को दोबारा निरीक्षण किया| सूत्र बताते हैं कि यह दोनों ही बार निरीक्षण में रंधावा गैरहाजिर मिली| उसके बाद मेयर जगदीश राज राजा ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया| सूत्र बताते हैं कि फिलहाल रंधावा अपनी जान बचाने में लगी हुई है| रंधावा के इस रवैया से एक बात तो साबित हो गई है कि नगर निगम के अधिकारी अब किसी की नहीं है और वह मनमानी करते हैं पूरी तरह से| साथ ही यह भी साबित हो गया है कि राजा के राज में नगर निगम के हालात अंधेर नगरी चौपट राजा जैसे हो गए हैं।

बिना इजाजत ड्यूटी से गैरहाजिर मिलीं ज्वाइंट कमिश्नर गुरविंदर कौर रंधावा, मेयर ने किया जवाब तलब




