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समाजवादी पंडित को रास नहीं आ रहा “दाढ़ी” और “भगवा” का साथ, इं. अनीस के बढ़ते कद से है परेशान, करने लगा खुराफात, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

नीरज सिसौदिया, बरेली
विधानसभा चुनाव को लेकर दावेदारों के बीच टिकट की टिकटिक तेज हो चुकी है. हर कोई खुद को दूसरों से बेहतर साबित करने की होड़ में लगा है. सबसे अधिक खींचतान फिलहाल समाजवादी पार्टी में देखने को मिल रही है. खास तौर पर 125 बरेली कैंट विधानसभा सीट पर. इस सीट पर वैसे तो समाजवादी पार्टी से लगभग तीन दर्जन लोग टिकट की कतार में शामिल हैं मगर इंजीनियर अनीस अहमद खां रेस में औरों से काफी आगे निकलते नजर आ रहे हैं. इसकी वजह यह है कि इंजीनियर अनीस ने “दाढ़ी” और “भगवा” को एक मंच पर लाकर सामाजिक समरसता और साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश देने का प्रयास किया है. पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के हमशक्ल के साथ शहर में रैली निकालकर भगवा ब्रिगेड को खुली चुनौती देने की जो हिम्मत इंजीनियर अनीस अहमद ने दिखाई थी वह अब तक कोई दूसरा दावेदार नहीं दिखा पाया. सबसे बड़ा दांव इंजीनियर अनीस अहमद ने भाजपा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और कैंट विधायक राजेश अग्रवाल के घर के बाहर बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और बैंड बाजे के साथ उस रैली का स्वागत करवाकर किया जिसमें भगवाधारी मुख्यमंत्री के हमशक्ल समाजवादी योद्धा सुरेश ठाकुर शामिल थे. इंजीनियर अनीस अहमद की इस खुली चुनौती के बाद भाजपा नेताओं में तो खलबली मची ही है, समाजवादी पार्टी के दावेदार भी परेशान हैं. उक्त दोनों का परेशान होना तो लाजिमी भी है लेकिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से प्रभावित एक समाजवादी पंडित जी इससे सबसे ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं.

भगवाधारी संत के साथ सपा के महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर साम्प्रदायिक एकता का संदेश दिया था. साथ में पूर्व विधायक विजयपाल सिंह और इंजीनियर अनीस अहमद भी इस ऐतिहासिक रैली का हिस्सा बने.

दिलचस्प बात यह है कि यह पंडित जी न तो कैंट विधानसभा सीट से कभी दावेदार रहे हैं और न ही अब दावेदार हैं. इसके बावजूद वह इंजीनियर अनीस की शुरुआती सफलता को पचा नहीं पा रहे हैं. योगी के हमशक्ल को लाकर इंजीनियर अनीस अहमद ने मीडिया की सुर्खियां बटोरीं तो पंडित जी इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए. पहले तो इन पंडित जी ने काफी कोशिशें कीं कि रैली की सफलता की खबरें मीडिया में सुर्खियां न बटोर सकें लेकिन जब समाजवादी पंडित जी अपने इरादों में कामयाब नहीं हो सके तो कुछ दिन कोप भवन में रहने के बाद पंडित जी ने अपने मीडिया के कुछ साथियों को अप्रोच किया और इंजीनियर अनीस के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए स्पेशल पैकेज भी ऑफर किया. पंडित जी यह भूल गए कि इं. अनीस भी उसी पार्टी के हैं और इंजीनियर अनीस के इस कदम से समाजवादी पार्टी बढ़त लेती नजर आ रही है. अब सवाल यह उठता है कि जब अखिलेश यादव सार्वजनिक मंच से खुद यह ऐलान कर चुके हैं कि वह खुद भगवा दल वालों से बड़े हिन्दू हैं तो समाजवादी पंडित जी परेशान क्यों हैं? इंजीनियर अनीस अहमद ने तो राष्ट्रीय अध्यक्ष की भावनाओं का सम्मान करते हुए हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश ही दिया था.
बहरहाल, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर इंजीनियर अनीस अहमद इससे भी बड़ा धमाका करने जा रहे हैं जो भाजपाइयों के तो होश उड़ाएगा ही, साथ ही समाजवादी पंडित जी की रातों की नींदें भी हराम कर देगा. हालांकि, समाजवादी पंडित जी की रातों की नींदें तो उसी दिन से हराम हो चुकी हैं जिस दिन से इंजीनियर अनीस अहमद ने भगवाधारी संत के साथ खुली जीप पर दमदार तरीके से शानदार रैली निकाली थी पर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का धमाका समाजवादी पंडित जी की बौखलाहट को और बढ़ाने वाला होगा.

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