विचार

बस शख़्स बन कर नहीं, शख्सियत बन कर जियो।

बस शख़्स बन कर नहीं, शख्सियत बन कर जियो।
कूद पड़ो मैदान में कि
जीवन भी जंग है।
नरम गरम खुशी गम
यही इसका ढंग है।।
हज़ारों रंग मिलते हैं
जीवन के रंगमंच में।
हारता नहीं बाज़ी बनाता
हौंसलों को जोअंग है।।

जो समय का मोल जानता
बनता अनमोल है।
वक्त ही गढ़ता इतिहास
और भूगोल है।।
समय से डर कर रहो कि
ये है बहुत बलवान।
यही वक्त की हुकूमत का
सबसे बड़ा बोल है।।

आपका व्यवहार आपके
जीवन का आईना है।
जो समय के साथ सुधरे
होता वही सयाना है।।
समय और स्तिथि कभी भी
सकती है बदल।
आपका धैर्य विवेक अच्छे
भविष्य का बयाना है।।

बस दिल में लगन जीने की
चाहत होनी चाहिये।
कभी किसी की भावना नहीं
आहत होनी चाहिये।।
मुस्करा कर और देख कर
मुस्कराने में फर्क है।
आपसे हर किसीको मिलती
राहत होनी चाहिये।।
रचयिता।।एस के कपूर श्री हंस
बरेली।

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