चंडीगढ़। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के प्रमुख हरजिंदर सिंह धामी ने ‘वारिस पंजाब दे’ के जेल में बंद कार्यकर्ता और नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य अमृतपाल सिंह की रिहाई की वकालत की है। इसने कहा है कि ‘लोगों ने अमृतपाल को समर्थन दिया है’, इसे देखते हुए उन्हें रिहा कर दिया जाना चाहिए। खालिस्तान समर्थक अमृतपाल ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत असम के डिब्रूगढ़ जिले की एक जेल में बंद रहते हुए पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की। उन्होंने शुक्रवार को सांसद के रूप में शपथ ली। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मीरी-पीरी अस्पताल में जांच प्रयोगशाला का उद्घाटन करने के बाद एसजीपीसी प्रमुख से अमृतपाल सिंह के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘लोगों ने उन्हें भारी समर्थन दिया है। सरकारों को इस पर विचार करना चाहिए, इसका (जनादेश का) सम्मान करना चाहिए और उन्हें (अमृतपाल को) रिहा किया जाना चाहिए।” सिखों के शीर्ष निकाय प्रमुख ने बताया कि अमृतपाल सिंह खडूर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से लगभग दो लाख मतों के अंतर से जीते हैं। खुद को खालिस्तानी आतंकवादी जरनैल सिंह भिंडरावाले के नाम से पुकारने वाले अमृतपाल को पिछले साल पंजाब के मोगा में उस वक्त गिरफ्तार किया गया था, जब वह और उनके समर्थक घेराबंदी तोड़कर, तलवारें और बंदूकें लहराते हुए एक पुलिस थाने में घुस गए थे और हिरासत से अपने एक सहयोगी को छुड़ाने के प्रयास में पुलिस से भिड़ गए थे। एक अन्य कैदी ‘बंदी सिंह’ की रिहाई के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में धामी ने केंद्र से ऐसे कैदियों को रिहा करने का आग्रह किया, जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है। बंदी सिंह के बारे में सिख समुदाय का दावा है कि उन्हें (बंदी सिंह को) अपनी सजा पूरी होने के बावजूद विभिन्न जेलों में बंद किया जाता रहा है। उन्होंने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पंजाब की ‘आम आदमी पार्टी’ (आप) सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि लोग सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। एसजीपीसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब है। उनकी टिप्पणी शिवसेना की पंजाब इकाई के नेता संदीप थापर के शुक्रवार को लुधियाना में दिनदहाड़े तीन हमलावरों द्वारा तलवारों से किये गये हमले के बाद आई है। इस हमले में थापर गंभीर रूप से घायल हो गये हैं।

एसजीपीसी अध्यक्ष ने उठाई खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह को रिहा करने की मांग, जानिये क्या तर्क दिया?




