यूपी

तीन साल की उम्र में आई थी अनाथालय, दुल्हन बनकर हुई विदा, पढ़ें अनाथालय की बेटी मंजू की कहानी

नीरज सिसौदिया, बरेली

आर्य समाज अनाथालय,में रहने वाली आखिरी बेटी मंजु पाल का विवाह ,शहनाई बारात घर में एटा निवासी कुलदीप के साथ बड़ी धूमधाम से सम्पन हुंआ। मंजू का कन्यादान हर्ष बर्धन”बिष्ट”[पूर्व प्रधान अनाथालय-संरक्षक जीनियस सेवा ग्रुप )ने किया।

जीनियस संस्था के अध्यक्ष सुरेन्द्र अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि बरेली अनाथालय कमेटी ने पिछले बर्षों में 18 साल पार कर चुके सभी लडके- लड़कियों को अनाथालय खाली करने का नोटिस जारी कर दिया था। साथ ही छोटे बच्चों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। बालिग बच्चों में छह लड़कियां ऐसी स्थिति में कहां जाती, जिन बेटियों ने बगैर [मां, बाप ] परिवार न होने के कारण पूरा जीवन अनाथालय में रहकर गुजारा हो। बेटियों की परेशानी को देखते हुए हर्षवर्धन /जीनियस संस्था ने सभी बेटियों के कन्यादान की जिम्मेदारी ली।

संस्था ने बरेली के दानदाताओं के सहयोग से  5 बेटियों के विवाह की तरह मंजू का भी कन्यादान बड़ी धूमधाम से किया। अनाथालय की आखिरी बेटी के कन्यादान में उसकी जरूरत का हर समान [डबल बैड, सोफा सैट, अलमारी, एलसीडी, डाइनिंग टेबल, ड्रेसिंग टेबल , वॉसिंग मशीन, स्कूटी, कूलर, किचन के सामान से लेकर सभी वस्तुएं दानदाताओं के सहयोग से दी गईं।

मेहमानों की भोजन व्यवस्था के साथ महफिल को खुशनुमा बनाने के लिए “बाबा म्यूजिकल ग्रुप” भजन प्रवाहक -मोहन दिवाना को आमंत्रित किया।

हर्षवर्धन ने बताया कि सन 2002 में 3 साल की उम्र में मंजु अनाथालय आई थी। बचपन से ही उसने मुझे अपने पिता के रूप में माना। आज उसका कनायादान करते हुए मेरी आंखें भर आईं, संस्था अध्यक्ष सुरेन्द्र अग्रवाल ने सभी अतिथियों/दानदाताओं का आभार एवं धन्यवाद प्रकट किया।

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