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पुराने शहर के नए सितारे की बढ़ने लगी चमक, पीडीए में बढ़ा मान, मुस्लिम समाज में गहरी पैठ, वाल्मीकि समाज ने भी किया सम्मान, कैंट सीट पर बदलने लगे अनीस बेग के समीकरण, जानिये कैसे?

नीरज सिसौदिया, बरेली
पुराने शहर के नए सितारे के तौर पर उभरे मैक्स लाइफ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड फहमी आईवीएफ सेंटर के मालिक जाने-माने बाल रोग विशेषज्ञ एवं वरिष्ठ समाजवादी पार्टी नेता डॉ. अनीस बेग की चमक अब कैंट विधानसभा क्षेत्र में बढ़ती जा रही है। कैंट विधानसभा क्षेत्र की आम जनता का दिल जीतने वाले डॉ. अनीस बेग पीडीए में गहरी पैठ बनाते जा रहे हैं। खास तौर पर अल्पसंख्यक और वाल्मीकि समाज का उन्हें पूरा साथ मिल रहा है। कुछ दिन पहले दलितों के मसीहा स्व. कांशीराम की पुण्यतिथि पर वाल्मीकि समाज ने उन्हें सम्मानित किया था। वहीं, विगत आठ अक्टूबर को डॉ. अनीस बेग को उनके जन्मदिन के अवसर पर दरगाह के मुतवल्ली सज्जादा अब्दुल वाजिद खां उर्फ बब्बू मियां के नेतृत्व वाली शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी के मुख्य संरक्षक के पद से नवाजा गया है। जन्मदिन पर मिले इस तोहफे ने न सिर्फ कैंट विधानसभा सीट पर बल्कि पूरे देश में डॉ. अनीस बेग का मान बढ़ाया है।

डॉक्टर अनीस बेग को सम्मानित करते वाल्मीकि समाज के लोग।

बता दें कि बरेली शहर की इस सबसे पुरानी दरगाह के अनुयायियों की तादाद हजारों, लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है। कैंट विधानसभा क्षेत्र की लगभग पूरी मुस्लिम आबादी की आस्था भी इस दरगाह से जुड़ी हुई है। ऐसे में सोसायटी के मुख्य संरक्षक होने के नाते कैंट विधानसभा क्षेत्र की इस आबादी से खुद ब खुद ही जुड़ गए हैं।
दरअसल, विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए मुस्लिम और ओबीसी वोटों की अहमियत जगजाहिर है। इस बार पार्टी का पूरा फोकस पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वोटों पर है। इसी दिशा में डॉक्टर अनीस बेग लगातार कदम बढ़ा रहे हैं। कांशीराम की पुण्य तिथि पर वाल्मीकि समाज का उन्हें सम्मानित करना और शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी में मुख्य संरक्षक की जिम्मेदारी मिलना उनके राजनीतिक भविष्य के लिए भी शुभ संकेत हैं। आम तौर पर जिसे दरगाह का साथ मिलता है, मुस्लिम अल्पसंख्यक वोटों का रुझान भी उसी की तरफ होता है। फिर इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि चुनावी मैदान में कितने मुस्लिम उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।
कैंट की बेटियों और गरीब गुरबे की तकदीर संवार रही शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी से यहां की जनता का एक स्वाभाविक जुड़ाव स्वत: ही हो जाता है। उनकी हर छोटी बड़ी समस्या का समाधान यहीं आकर होता है। ऐसे में समाजसेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहे अनीस बेग को कैंट की जनता के और करीब आने एवं उनकी जरूरतों, समस्याओं को और अधिक करीब से समझने का अवसर मिलेगा। अनीस बेग की यह भूमिका आगामी विधानसभा चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वियों की राह मुश्किल कर सकती है।
राजनीतिक जानकार कैंट की सियासत में अनीस बेग के इन दोनों कदमों को उनकी एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि अनीस बेग धीरे-धीरे कैंट विधानसभा क्षेत्र के हर वर्ग से जुड़े सामाजिक संगठनों से नजदीकियां बढ़ाकर लोगों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। दूसरे नेताओं की तरह पीडीए को समाजवादी पार्टी का पेट वोट बैंक मानकर उन्होंने पीडीए को उपेक्षित नहीं किया बल्कि उनको भी उतना ही सम्मान देकर जोड़ने का काम कर रहे हैं जितना कि अन्य वर्गों को। जानकारों का कहना है कि अनीस बेग का यह कदम पीडीए के वोटों को समाजवादी पार्टी के पक्ष में जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाएगा।
बहरहाल, अनीस बेग जिस तरह धीरे-धीरे पीडीए के बीच अपनी पैठ बढ़ाते जा रहे हैं उससे कैंट विधानसभा सीट पर उनकी दावेदारी और मजबूत होती जा रही है।

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