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बरेली के लाल अंशुल कुमार ने रचा इतिहास, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में पीएचडी वायवा सफलतापूर्वक संपन्न

बरेली। जनपद के होनहार युवा शोधार्थी अंशुल कुमार ने शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए Noida International University में अपना पीएचडी वायवा सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि से पूरे बरेली जिले में खुशी और गर्व का माहौल है। परिवार, मित्रों, शिक्षकों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें इस सफलता के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

अंशुल कुमार के शोध का विषय “ FRAMEWORK DEVELOPMENT TO UPGRADE SECURITY ASPECT IN CLOUD COMPUTING USING ARTIFICIAL NEURAL NETWORKS” रहा अंशुल कुमार ने अपना शोध कार्य नोएड़ा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गगन तिवारी और द्रोणाचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रोफेसर आदर्श मालवीय के निर्देशन में सफलता पूर्ण संपन्न किया
अपने शोध में अंशुल कुमार ने बताया आज के डिजिटल युग में क्लाउड कम्प्यूटिंग का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। क्लाउड कंप्यूटिंग के माध्यम से डेटा स्टोरेज, सॉफ्टवेयर, नेटवर्क और सर्वर जैसी सेवाएं इंटरनेट द्वारा उपलब्ध कराई जाती हैं। लेकिन इसके साथ साइबर हमले, डेटा चोरी, अनधिकृत प्रवेश और मैलवेयर जैसी सुरक्षा समस्याएं भी बढ़ रही हैं।
इन समस्याओं को कम करने के लिए कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क (ANN ) आधारित सुरक्षा फ्रेमवर्क विकसित किया जा रहा है। ANN मानव मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर आधारित एक बुद्धिमान तकनीक है, जो डेटा को सीखकर असामान्य गतिविधियों की पहचान कर सकती है।
अंशुल कुमार ने अपने शोध कार्य में आधुनिक तकनीकी एवं अकादमिक विषयों पर गहन अध्ययन प्रस्तुत किया। वायवा के दौरान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ प्रोफेसरों एवं शोध मूल्यांकन समिति ने उनके शोध कार्य की गुणवत्ता, नवीनता और व्यावहारिक उपयोगिता की सराहना की। शोध प्रस्तुतिकरण के दौरान अंशुल कुमार ने आत्मविश्वास और प्रभावशाली शैली में अपने शोध के विभिन्न पहलुओं को विस्तार से प्रस्तुत किया, जिससे उपस्थित सभी शिक्षाविद प्रभावित हुए।
अंशुल कुमार प्रारंभ से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बरेली में प्राप्त की और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया। सीमित संसाधनों और अनेक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर यह सफलता अर्जित की है। उनकी उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। वर्तमान में अंशुल कुमार ग्रेटर नोएडा प्रौद्योगिकी संस्थान (GNIOT ) में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत है
पीएचडी वायवा के सफल समापन के बाद विश्वविद्यालय परिसर में खुशी का वातावरण देखने को मिला। शोध निर्देशक एवं विभागीय शिक्षकों ने अंशुल कुमार को बधाई देते हुए कहा कि उनका शोध भविष्य में समाज और शिक्षा जगत के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी उनकी मेहनत और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उन्हें उज्ज्वल करियर की शुभकामनाएं दीं।


अंशुल कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे आने तथा देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
बरेली के सामाजिक एवं शैक्षणिक संगठनों ने भी अंशुल कुमार की इस उपलब्धि को जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंशुल कुमार ने यह साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
अंशुल कुमार की इस ऐतिहासिक सफलता से बरेली का नाम एक बार फिर शिक्षा जगत में गौरवान्वित हुआ है। उनकी उपलब्धि निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।

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