Share nowजिससे अपना मतलब निकला, क्यों मैं उसके लात लगाऊँ दुनिया का सिद्धांत अनोखा, मेरी बिल्ली मुझसे म्याऊँ। मगरमच्छ के आँसू गिरते, जब वह सुख से भोजन करता बगुला भगत यहाँ पर देखो, अपनों पर यों कभी न मरता जिस थाली में भोज खिलाया, क्यों मैं उसमें छेद बनाऊँ दुनिया का सिद्धांत अनोखा, मेरी बिल्ली […]
Share nowनीरज सिसौदिया, बरेली सुन्नी सूफ़ी बरेलवी मुसलमानों की नुमाइंदा आल इंडिया तंजीम उलमा ए इस्लाम की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 2 अक्टूबर 2021 को दरगाह आला हज़रत स्थित *इस्लामिक रिसर्च सेंटर* में होगी, हर साल की तरह इस साल भी उर्से आला हज़रत के मौके पर इस महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा […]
Share nowगजलों की दुनिया बड़ी ही निराली होती है. दर्द चाहे अपनों से बिछड़ने का हो या जिंदगी की उलझनों का, गजलें हमेशा दिल को सुकून देती हैं. कभी कागज की किश्ती और बारिश का पानी याद दिलाती हैं तो कभी बताती हैं कि वक्त का परिंदा कभी किसी के लिए नहीं रुकता. कभी आपसी […]