वोट बनवाने में थे नंबर-1, दलितों से लेकर ब्राह्मणों तक सहेजे हैं संबंध, यूं ही नहीं बरेली शहर विधानसभा सीट पर दावेदारी जता रहे सपा नेता मो. कलीमुद्दीन, पढ़ें क्यों प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं मो. कलीमुद्दीन
नीरज सिसौदिया, बरेली
वर्ष 2022 का विधानसभा चुनाव बरेली शहर विधानसभा सीट के लिए कई मायनों में अहम रहा है। इस चुनाव में कुछ ऐसे चेहरे विधानसभा के टिकट के लिए दावेदारी जताते नजर आए जिनमें वाकई में समाज के लिए कुछ कर दिखाने का जज्बा रहा। ऐसे ही एक नेता हैं समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मोहम्मद कलीमुद्दीन।
कलीमुद्दीन ने न सिर्फ समाज में एक अहम मुकाम हासिल किया बल्कि पार्टी के लिए भी पूरे समर्पण भाव से काम किया। सबसे बेहतर काम उन्होंने पार्टी के पक्ष में जनता के वोट बनवाने का किया। कलीमुद्दीन ने बरेली शहर विधानसभा सीट पर सबसे अधिक लगभग आठ हजार लोगों के वोट बनवाए थे। ये वोट विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में उन लोगों के बनवाए गए जो समाजवादी पार्टी के समर्थक थे। पिछली विधानसभा चुनाव में सपा के वोटों में जो बढ़ोतरी दर्ज की गई थी उनमें ये वोट भी शामिल थे। इसलिए पार्टी के वोट प्रतिशत में हुई बढ़ोतरी का क्रेडिट काफी हद तक कलीमुद्दीन को भी जाता है।
कलीमुद्दीन की इस मेहनत को सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने भी सराहा था। लखनऊ में लोकसभा चुनाव के बाद हुई बैठक में अखिलेश यादव ने सार्वजनिक तौर पर मोहम्मद कलीमुद्दीन की सराहना की थी। इसकी सबसे बड़ी वजह यह थी कि किसी भी अन्य दावेदार ने इतनी बड़ी संख्या में वोट नहीं बनवाए थे।
इतना ही नहीं पिछले विधानसभा चुनाव में कलीमुद्दीन ने बड़ी तादाद में दलितों और ब्राह्मणों को भी जोड़ने का काम किया था। कलीमुद्दीन पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों में इतने मजबूत हुए कि आज वह अपने दम पर करीब पंद्रह से बीस हजार हिन्दू वोट पार्टी के पक्ष में लाने का दावा करते हैं। लेकिन यह कलीमुद्दीन का व्यक्तिगत वोट बैंक है जो कलीमुद्दीन के प्रत्याशी बनने पर उन्हें तो मिल सकता है लेकिन अगर कोई और प्रत्याशी बनाया जाता है तो यह वोट सपा के पाले में आएगा यह तय नहीं है।
कलीमुद्दीन ने पिछली बार की तरह इस बार भी पूरी मजबूती के साथ दावेदारी जताने की बात कही है। फिलहाल पार्टी की ओर से दावेदारों से आवेदन नहीं लिए गए हैं।
ओमेगा कोचिंग के संचालक कलीमुद्दीन शहर विधानसभा के लगभग आठ हजार परिवारों तक अपनी पहुंच बना चुके हैं। इन परिवारों के कई बच्चे सरकारी मेडिकल कॉलेजों से मेडिकल की पढ़ाई करके डॉक्टर बन चुके हैं और कई बच्चों का सिलेक्शन हो चुका है। कलीमुद्दीन को पूरा यकीन है कि अगर पार्टी उन्हें टिकट देती है तो इन परिवारों का पूरा वोट सपा के खाते में जाएगा। बहरहाल, कलीमुद्दीन मुस्लिम दावेदारों में बेहद मजबूत नजर आ रहे हैं।
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