नीरज सिसौदिया, बरेली
छोटी बमन पुरी स्थित श्री अगस्त्य मुनि आश्रम में रविवार को 179वां श्री अगस्त्य मुनि जन्मोत्सव एवं वार्षिकोत्सव समारोह का शुभारंभ हुआ। प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी आयोजन का आरम्भ प्रातःकालीन हवन-पूजन से किया गया। आचार्य के. के. शंखधार और मेधाव्रत शास्त्री ने पूरे विधि-विधान से यज्ञ एवं अनुष्ठान सम्पन्न कराए। इस दौरान बालक प्रणव शर्मा को श्री अगस्त्य मुनि जी का स्वरूप मानकर विशेष पूजन किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में उल्लास और भक्ति का वातावरण बन गया।
आश्रम सभा के अध्यक्ष पंडित दीपक शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और नगरवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जन्मोत्सव सभी के लिए आस्था, भक्ति और प्रेरणा का पर्व है। उन्होंने इष्ट-मित्रों और श्रद्धालुओं से बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजनों को सफल और भव्य बनाने की अपील की।
आश्रम सभा के महामंत्री गौरव रस्तोगी ने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जन्मोत्सव सप्ताह भर चलेगा और प्रत्येक दिन विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।
1 सितम्बर की शाम 6 बजे इस्कॉन मंदिर की भजन मंडली द्वारा भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें भक्ति गीत और कीर्तन से वातावरण भक्तिमय होगा।
2 सितम्बर को शाम 6 बजे सुंदरकाण्ड पाठ का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु रामभक्ति में सराबोर होंगे।
3 सितम्बर की शाम 6 बजे श्री अगस्त्य मुनि जी के जीवन, उनके आदर्शों और समाज को दी गई प्रेरणा पर प्रवचन आयोजित होगा।
4 सितम्बर को प्रदोष पूजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
जबकि 5 सितम्बर को दोपहर 2 बजे आश्रम से भव्य शोभायात्रा निकलेगी। इस शोभायात्रा में नगरभर से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है और इसे बेहद आकर्षक व भव्य रूप में सजाया जाएगा।
इस अवसर पर श्री अगस्त्य मुनि आश्रम सभा के पूर्व अध्यक्षों में विनोद रस्तोगी, इंद्र देव त्रिवेदी, पंकज मिश्रा एडवोकेट, राजेश रस्तोगी, पूर्व महामंत्री विवेक शर्मा, पंडित वासुदेव शास्त्री मौजूद रहे। वहीं वर्तमान पदाधिकारियों में उपाध्यक्ष नीरज गुप्ता, सुनील मिश्रा, सरदार विक्की, विनोद शर्मा, सचिव दिव्यांश पाठक, आशीष शर्मा के अलावा राज शर्मा, प्रशांत पाठक, लवलीन कपूर, रवि वर्मा, विशाल कश्यप, विक्रम रस्तोगी, ऋषभ रस्तोगी और शानू रस्तोगी सहित अन्य गणमान्य लोग भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
आयोजन समिति ने बताया कि इस बार कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक और यादगार बनाने के लिए तैयारी की गई है। भजन संध्या और शोभायात्रा मुख्य आकर्षण रहेंगे। आश्रम और आसपास के क्षेत्र को सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

बता दें कि श्री अगस्त्य मुनि भारतीय ऋषि परंपरा के महान आचार्यों में गिने जाते हैं। माना जाता है कि उन्होंने वेद और पुराणों की रचना में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अगस्त्य मुनि न सिर्फ़ ऋषि-मुनियों के मार्गदर्शक रहे, बल्कि उन्होंने समाज में ज्ञान, अनुशासन और नैतिकता की नींव भी रखी।
बरेली के छोटी बमन पुरी स्थित यह आश्रम 179 वर्षों से उनकी स्मृति में भक्ति और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। यहाँ हर वर्ष भव्य जन्मोत्सव और वार्षिकोत्सव मनाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को आध्यात्मिक मूल्यों, ऋषि परंपरा और समाज सेवा की प्रेरणा देना है। शोभायात्रा और भजन संध्या जैसे आयोजन समाज को एकजुट करने और धार्मिक वातावरण को सशक्त बनाने का काम करते हैं।





