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सेवा और आस्था का प्रकटोत्सव : भगवान वाल्मीकि जयंती पर शहर में निकली भव्य शोभायात्रा, राजेश अग्रवाल ने किया शानदार स्वागत, श्रद्धालुओं के लिए किया विशाल भंडारे का आयोजन

नीरज सिसौदिया, बरेली
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर मंगलवार को बरेली शहर में निकली भव्य वाल्मीकि शोभायात्रा में आस्था, सेवा और उत्साह का प्रकटोत्सव देखने को मिला। शहर के कालीबाड़ी इलाके में शोभायात्रा के पहुंचते ही समाजवादी पार्टी के शहर विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी और रामपुर बाग के पार्षद राजेश अग्रवाल ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया। अग्रवाल ने माल्यार्पण कर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का सम्मान किया और सभी के लिए विशाल भंडारे का आयोजन भी किया।


राजेश अग्रवाल ने अपने निवास स्थान रामपुर बाग पर पहले से भोजन तैयार कराया था। इस भोजन को साफ-सुथरे तरीके से पैकेट में पैक कराया गया और फिर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को भोजन के पैकेट वितरित किए गए। श्रद्धालुओं ने अग्रवाल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।


कालीबाड़ी से निकली यह शोभायात्रा पूरे शहर में श्रद्धा और उल्लास का प्रतीक बनी रही। वाल्मीकि समाज के लोग, युवा और महिलाएं भक्ति गीतों, झांकियों और जयघोषों के साथ आगे बढ़ते रहे। यात्रा में महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों का संदेश देने वाले बैनर और झांकियां भी शामिल थीं, जिनसे समाज में समानता, सदाचार और करुणा का संदेश दिया गया।
इस मौके पर राजेश अग्रवाल ने कहा, “महर्षि वाल्मीकि ने अपने जीवन से दिखाया कि शिक्षा और सत्य के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति समाज में सम्मान और प्रेरणा का केंद्र बन सकता है। उन्होंने हमें सिखाया कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। आज उनकी जयंती पर श्रद्धालुओं की सेवा कर मैं स्वयं को धन्य महसूस कर रहा हूं।”


कालीबाड़ी परिसर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। अग्रवाल और उनके साथियों ने शोभायात्रा में शामिल हर व्यक्ति का तहे दिल से स्वागत किया और उन्हें भोजन पैकेट सौंपे। अग्रवाल ने कहा कि वाल्मीकि जयंती का यह अवसर सिर्फ पूजा या परंपरा का नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, समरसता और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का भी है।
पूरे आयोजन में रोहित राजपूत, अरुण शर्मा, अरविंद राजपूत, सचिन यादव, मिथुन सागर और रिज़वान सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर श्रद्धालुओं के स्वागत और भोजन वितरण की व्यवस्था संभाली।


बरेली शहर के लोगों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं समाज के बीच उतरकर सेवा का काम करते हैं, तो इससे जनता का विश्वास और गहरा होता है।
वाल्मीकि शोभा यात्रा के दौरान बरेली की गलियां भक्ति और सद्भाव से गूंज उठीं। कालीबाड़ी परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और भोजन वितरण के दृश्य ने यह संदेश दिया कि समाज की वास्तविक ताकत उसकी एकजुटता और सेवा भावना में निहित है।


महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस पावन अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि बरेली में सामाजिक एकता और सामूहिक सद्भाव का संदेश देने वाला आयोजन बन गया। राजेश अग्रवाल और उनके साथियों द्वारा किया गया यह सेवा कार्य लोगों की स्मृतियों में लंबे समय तक उदाहरण के रूप में याद किया जाएगा।

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