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झाड़ू नहीं, कलम उठाएंगे वाल्मीकि समाज के बच्चे: डॉ. अनीस बेग का शिक्षा पर बड़ा दांव, सपा सरकार बनी तो प्राइवेट स्कूलों में भी मिलेगा दलित बच्चों को आरक्षण

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नीरज सिसौदिया, बरेली

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बरेली कैंट विधानसभा सीट से टिकट के प्रबल दावेदार डॉ. अनीस बेग ने वाल्मीकि समाज और दलित समाज के बच्चों की शिक्षा को लेकर बड़ा और ऐतिहासिक ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो वह राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से ऐसी व्यवस्था लागू करवाएंगे, जिससे वाल्मीकि समाज सहित दलित समाज के बच्चों को निजी (प्राइवेट) स्कूलों में भी आरक्षण का लाभ मिल सके।

डॉ. अनीस बेग ने स्पष्ट कहा कि जब तक समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वर्ग के बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक सामाजिक बराबरी का सपना अधूरा रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों में भी आरक्षण की व्यवस्था लागू कराना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा, ताकि गरीब और वंचित समाज के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम और आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें।

“शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है”

कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनीस बेग ने कहा,
“शिक्षा ही वह हथियार है जिससे गरीबी, भेदभाव और पिछड़ेपन को हराया जा सकता है। वाल्मीकि समाज और दलित समाज के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, कमी है तो सिर्फ अवसरों की। अगर उन्हें अच्छे स्कूल, अच्छे शिक्षक और बेहतर माहौल मिलेगा तो वे भी डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासनिक अधिकारी बन सकते हैं।”

उन्होंने कहा कि आज भी निजी स्कूलों की ऊंची फीस और महंगी पढ़ाई गरीब परिवारों के बच्चों के लिए सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। ऐसे में यदि सरकार स्तर पर आरक्षण और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की जाती है तो हजारों परिवारों के बच्चों का भविष्य संवर सकता है।

अखिलेश यादव से करेंगे सीधी पहल

डॉ. अनीस बेग ने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को केवल चुनावी वादा बनाकर नहीं छोड़ेंगे, बल्कि सरकार बनने पर इसे नीतिगत फैसला बनवाने के लिए सीधे अखिलेश यादव से बात करेंगे।
उन्होंने कहा,
“अखिलेश यादव सामाजिक न्याय और शिक्षा के पक्षधर नेता हैं। मैं उनसे व्यक्तिगत रूप से इस योजना को लागू कराने की मांग करूंगा, ताकि वाल्मीकि समाज और दलित समाज के बच्चों को निजी स्कूलों में भी आरक्षण मिल सके।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस प्रस्ताव को कानूनन मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से भी राय ली जाएगी, ताकि यह योजना लंबे समय तक टिकाऊ और प्रभावी रहे।

वाल्मीकि समाज को मिलेगा सम्मान और अधिकार

डॉ. अनीस बेग ने कहा कि वाल्मीकि समाज ने हमेशा मेहनत की है, लेकिन उन्हें आज भी सम्मान और बराबरी का अधिकार पूरी तरह नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा,
“हमारे समाज का यह कर्तव्य है कि जो लोग सफाई व्यवस्था और अन्य कठिन कार्यों से शहर को साफ और सुरक्षित रखते हैं, उनके बच्चों को भी उज्ज्वल भविष्य मिले। सिर्फ नारे देने से कुछ नहीं होगा, ठोस नीति बनानी होगी।”

उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा के जरिए ही वाल्मीकि समाज को मुख्यधारा में लाया जा सकता है और यही समाजवादी पार्टी की राजनीति का मूल उद्देश्य है।

समाजवादी पार्टी की विचारधारा से जुड़ा कदम

डॉ. अनीस बेग ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी की नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के हक की लड़ाई लड़ती रही है।
उन्होंने कहा,
“नेताजी मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव की राजनीति सामाजिक न्याय और बराबरी पर आधारित रही है। हमारी कोशिश है कि उसी रास्ते पर चलते हुए नई पीढ़ी को मजबूत बनाया जाए।”

उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव केवल वाल्मीकि समाज के लिए नहीं, बल्कि पूरे दलित समाज के लिए एक नई उम्मीद बनेगा।

स्थानीय लोगों और समाज में उत्साह

डॉ. अनीस बेग के इस ऐलान के बाद वाल्मीकि समाज और दलित समाज के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई सामाजिक संगठनों ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया और इसे “समाज बदलने वाला कदम” बताया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि अब तक किसी भी नेता ने निजी स्कूलों में आरक्षण की बात इतनी स्पष्टता और मजबूती से नहीं रखी थी।

वाल्मीकि समाज के एक बुजुर्ग ने कहा,
“अगर हमारे बच्चों को अच्छे स्कूल मिल जाएंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ी झाड़ू नहीं, कलम उठाएगी। यही सच्चा बदलाव होगा।”

शिक्षा से बदलेगा सामाजिक ढांचा

डॉ. अनीस बेग ने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच और व्यवस्था को बदलने का जरिया है।
उन्होंने कहा कि जब गरीब और वंचित वर्ग के बच्चे अच्छी शिक्षा पाएंगे तो वे आत्मनिर्भर बनेंगे और अपने समाज के लिए भी प्रेरणा बनेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार बनने पर केवल आरक्षण ही नहीं, बल्कि छात्रवृत्ति, किताबें, यूनिफॉर्म और डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी, ताकि बच्चों को पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े।

राजनीतिक संदेश भी साफ

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डॉ. अनीस बेग का यह बयान केवल सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी अहम है। बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र में वाल्मीकि समाज और दलित समाज की अच्छी-खासी संख्या है। ऐसे में शिक्षा को केंद्र में रखकर किया गया यह ऐलान उन्हें एक मजबूत सामाजिक नेता के रूप में पेश करता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह मुद्दा चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनता है तो इसका असर क्षेत्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

“यह वादा नहीं, मिशन है”

अपने संबोधन के अंत में डॉ. अनीस बेग ने कहा,
“यह कोई साधारण वादा नहीं है, यह मेरा मिशन है। मैं चाहता हूं कि हर गरीब बच्चे को वही शिक्षा मिले, जो अमीर घरों के बच्चों को मिलती है। यही समाजवाद का असली अर्थ है।”

उन्होंने जनता से अपील की कि वे शिक्षा को सबसे बड़ा मुद्दा बनाएं और अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए जागरूक हों।

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