नीरज सिसौदिया, बरेली
वरिष्ठ पत्रकार मुहम्मद साजिद ने indiatime24.com को जारी एक बयान में कहा कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से कुछ लोगों ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, बारादरी थाना पुलिस की पहली ही जांच में उनका लेन देन से किसी तरह का संबंध न होने की रिपोर्ट दी गई थी। पुलिस की यह रिपोर्ट आईजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल पर भी दर्ज बताई गई है।
25 साल की पत्रकारिता, बेदाग छवि का दावा
मुहम्मद साजिद ने बताया कि वह पिछले लगभग 25 वर्षों से प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बरेली समेत अन्य जनपदों में प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उनका कहना है कि इतने लंबे करियर में उनकी छवि पर कभी कोई आरोप नहीं लगा, लेकिन हाल में कुछ सियासी विरोधियों ने उन्हें बदनाम करने की कोशिश की।
जानें क्या है पूरा मामला?
साजिद के अनुसार, मामला टाइल्स और मार्बल की एक दुकान से जुड़े आर्थिक विवाद का है। बताया जाता है कि राजस्थान के नागौर निवासी (हाल पता कटकुइया, पुराना शहर, बरेली) रिजवान नामक व्यक्ति ने बदायूं रोड स्थित करगैना चौकी के सामने टाइल्स और मार्बल की दुकान खोली थी। यह दुकान पार्टनरशिप में संचालित हो रही थी। इसमें इकबाल रज़ा खान पार्टनर थे।

पत्नी के खाते से ट्रांसफर की थी रकम
साजिद ने बताया कि इकबाल रज़ा की पत्नी के खाते से दुकान की फर्म के नाम धनराशि ट्रांसफर की गई थी। मगर, कुछ समय बाद दुकान को गोपनीय तरीके से बेच दिया गया, और रूपये भी वापस नहीं किए। जिसके संबंध में इकबाल रज़ा ने रिजवान से अपने रूपये मांगे, तो उसने चेक दिए थे। मगर, यह चेक बैंक में बाउंस हो गए। इस संबंध में इकबाल रज़ा खान ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन पुलिस ने जांच शुरू की, तो रिजवान ने भी फर्जी शिकायत कर किसी के कहने पर विवाद में मुहम्मद साजिद का नाम शिकायत में जोड़ दिया।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
मुहम्मद साजिद ने बताया कि बारादरी थाना पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह पाया गया कि विवाद मुख्य रूप से पार्टनरशिप और लेन-देन से जुड़ा था। जांच रिपोर्ट में उनका (साजिद का) उक्त आर्थिक लेन-देन से कोई संबंध नहीं पाया गया। संबंधित रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर उपलब्ध है।
मुहम्मद साजिद ने कहा कि कुछ लोगों ने जानबूझकर उनकी छवि खराब करने के लिए झूठे आरोप लगाए और मीडिया में भ्रामक खबरें प्लांट कराईं। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर ब्याज लेने जैसे आरोप लगाए गए, जबकि वे बैंक खातों से मिलने वाले ब्याज तक का उपयोग नहीं करते और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं। उन्होंने कहा, “मुझे पुलिस प्रशासन पर भरोसा है। जांच में सच्चाई सामने आएगी।






