नीरज सिसौदिया, बरेली
फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोबिंदपुर हुलासपुर में सम्राट अशोक जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और राजनीतिक प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहे मुंबई से पहुंचे फिल्म डायरेक्टर, लेखक और अभिनेता अमीश सागर, जिन्होंने अपने संबोधन से उपस्थित लोगों का दिल जीत लिया। उनके साथ उनके पिता, फरीदपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रसेन सागर भी पूरे कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मौजूद रहे और दोनों की उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट अशोक महान के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सम्राट अशोक के आदर्शों, न्यायप्रियता, धर्मनिरपेक्ष सोच और जनकल्याणकारी नीतियों को याद किया। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सम्राट अशोक का जीवन आज भी समाज को शांति, भाईचारे और विकास का संदेश देता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमीश सागर ने कहा कि सम्राट अशोक केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के लिए शांति और मानवता के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सम्राट अशोक के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम करना चाहिए। अमीश सागर ने अपने संबोधन में शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उनके विचारों को उपस्थित युवाओं और ग्रामीणों ने खूब सराहा।

वहीं, पूर्व ब्लॉक प्रमुख चंद्रसेन सागर ने अपने संबोधन में कहा कि सम्राट अशोक की नीतियां आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने लोगों से सामाजिक एकता, शिक्षा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया। चंद्रसेन सागर ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज को अपनी ऐतिहासिक विरासत और महान व्यक्तित्वों से जुड़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने ग्रामवासियों को इस सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।

समारोह में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष शिव चरण कश्यप, प्रदेश सचिव समाजवादी पार्टी मजदूर सभा सचिन यादव, जोनल अध्यक्ष लाल सिंह यादव, सुधीर यादव जटौआ सहित सम्राट अशोक जयंती समारोह समिति के पदाधिकारी और क्षेत्र के अनेक सम्मानित लोग उपस्थित रहे। सभी ने सम्राट अशोक के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने सम्राट अशोक के आदर्शों पर चलने और समाज में शांति, सौहार्द तथा शिक्षा को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। गोबिंदपुर हुलासपुर में आयोजित यह समारोह न केवल ऐतिहासिक विरासत को याद करने का अवसर बना, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक एकता का भी शानदार उदाहरण प्रस्तुत कर गया।





