यूपी

शहर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार और नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्य सतीश चंद्र सक्सेना कातिब ‘मम्मा’ ने उठाई आवाज, तीन वार्डों में जल्द हो सकते हैं उपचुनाव, जानिये जिला निर्वाचन कार्यालय ने क्या दिए आदेश?

Share now

नीरज सिसौदिया, बरेली
नगर निगम बरेली के तीन वार्डों में पार्षदों के निधन के बाद रिक्त हुई सीटों पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया अब तेज होती दिखाई दे रही है। इस संबंध में सामने आए दो आधिकारिक पत्रों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि जिला निर्वाचन कार्यालय ने स्थानीय निकाय प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को अधियाचन भेजने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। यदि प्रशासनिक प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है तो शहर के इन तीनों वार्डों में जल्द ही उपचुनाव की घोषणा हो सकती है।
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम बरेली के वार्ड संख्या 3 छोटी विहार, वार्ड संख्या 50 जनकपुरी और वार्ड संख्या 66 बजरिया पूरनमल की सीटें संबंधित पार्षदों के निधन के कारण रिक्त हो गई हैं। इन सीटों पर लंबे समय से जनप्रतिनिधित्व न होने के कारण स्थानीय विकास कार्यों और नागरिक समस्याओं के समाधान पर भी असर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए उपचुनाव की मांग को लेकर पहल की गई।
इस पूरे मामले की शुरुआत नगर निगम बरेली की कार्यकारिणी समिति के सदस्य सतीश चंद्र कातिब ‘मम्मा’ द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र से हुई। उन्होंने अपने पत्र में तीनों वार्डों के पार्षदों के निधन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता के हित में रिक्त सीटों को जल्द भरा जाना जरूरी है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना भेजकर इन सीटों पर उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू कराई जाए।
पत्र में दर्ज विवरण के अनुसार **वार्ड संख्या 3 छोटी विहार की निर्वाचित पार्षद संजू देवी पत्नी हरपाल का निधन 29 अप्रैल 2025 को हो गया था। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। इसी तरह **वार्ड संख्या 50 जनकपुरी के पार्षद आरेंद्र अरोड़ा पुत्र स्वर्गीय सुरेंद्र मोहन का निधन 21 जून 2025 को हो गया था। वहीं **वार्ड संख्या 66 के पार्षद संजय राय पुत्र स्वर्गीय कृष्णा बहादुर का निधन 8 सितंबर 2025 को उपचार के दौरान हो गया। तीनों सीटें खाली होने के बाद संबंधित क्षेत्रों के लोग लगातार नए प्रतिनिधि के चुनाव की मांग कर रहे थे।
इन मांगों के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय), बरेली की ओर से जारी दूसरे पत्र में इस विषय को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सतीश चंद्र कातिब द्वारा उपचुनाव कराने के लिए भेजे गए पत्र का संज्ञान लिया गया है। पत्र में यह भी उल्लेख है कि संबंधित तीनों वार्डों में स्थानीय निकायों के रिक्त पदों की सूचना निदेशक, स्थानीय निकाय, लखनऊ को प्रेषित कर अधियाचन कराने की आवश्यक कार्रवाई तत्काल की जाए।
यह प्रशासनिक पत्र इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे स्पष्ट होता है कि मामला अब केवल मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया के औपचारिक चरण में प्रवेश कर चुका है। सामान्यतः किसी भी निकाय में निर्वाचित सदस्य के निधन, इस्तीफे या अयोग्यता के बाद सीट रिक्त होने पर स्थानीय प्रशासन राज्य निर्वाचन आयोग को सूचना भेजता है। आयोग स्थिति की समीक्षा कर उपयुक्त समय पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी करता है।
शहर की राजनीति में भी इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। तीन वार्डों में एक साथ उपचुनाव होने की संभावना से स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ना तय माना जा रहा है। प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ कई स्थानीय दावेदार भी इन वार्डों में सक्रिय होने लगे हैं। खासकर छोटी विहार, जनकपुरी और वार्ड 66 जैसे क्षेत्रों में विकास, सड़क, जलनिकासी, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। ऐसे में उपचुनाव केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि स्थानीय मुद्दों पर जनमत का महत्वपूर्ण अवसर भी होगा।
नगर निगम से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रिक्त सीटों पर प्रतिनिधि न होने से कई प्रस्तावित कार्यों की गति प्रभावित हुई है। वार्ड स्तर पर जनता की शिकायतें सीधे पार्षद के माध्यम से निगम तक पहुंचती हैं, लेकिन सीटें खाली होने से यह व्यवस्था कमजोर पड़ी। यही वजह है कि स्थानीय नागरिक भी उपचुनाव जल्द कराने के पक्ष में हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि राज्य निर्वाचन आयोग को समय पर अधियाचन भेज दिया जाता है तो आने वाले कुछ महीनों में इन वार्डों में मतदान कराया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग के स्तर पर होगा, लेकिन जिला निर्वाचन कार्यालय के पत्र ने चुनावी संभावना को काफी मजबूत कर दिया है।
फिलहाल निगाहें नगर निगम प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जैसे ही अधिसूचना जारी होगी, इन तीनों वार्डों में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो जाएगा। स्थानीय जनता को भी उम्मीद है कि जल्द नया जनप्रतिनिधि मिलने से उनके क्षेत्र की लंबित समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। बरेली नगर निगम की राजनीति में यह उपचुनाव आने वाले समय में कई नए समीकरण भी तय कर सकता है।

Facebook Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *