नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली और आसपास के क्षेत्रों में पिछले 16 वर्षों से समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय संस्था ‘प्रयास रेवो सहयोग समिति’ अब नए नाम ‘प्रयास सहयोग सेवा समिति’ के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेगी। संस्था का उत्तर प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत पंजीकरण हो चुका है। इसके साथ ही संस्था को अब बड़े स्तर पर सामाजिक और जनकल्याण के कार्य करने का अवसर मिलेगा। संस्था का कहना है कि अब वह आम लोगों के सहयोग से जरूरतमंदों तक और अधिक प्रभावी ढंग से सहायता पहुंचाएगी।
‘प्रयास सहयोग सेवा समिति’ ने पिछले 16 वर्षों में समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। संस्था ने इस दौरान रक्तदान, स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कई क्षेत्रों में लगातार काम किया है।
संस्था की सबसे बड़ी उपलब्धियों में जरूरतमंद मरीजों को 1,410 यूनिट रक्त उपलब्ध कराना शामिल है। इसके लिए संस्था ने अब तक 28 बड़े रक्तदान शिविर आयोजित किए हैं। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए 13 वस्त्र वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए, जिनका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को मिला।
कोरोना काल में निभाई बड़ी जिम्मेदारी
कोरोना महामारी के दौरान जब बड़ी संख्या में लोग भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब संस्था ने लगातार 54 दिनों तक प्रतिदिन 500 भोजन के पैकेट जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए। उस कठिन समय में संस्था के स्वयंसेवकों ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लोगों की सेवा की। यही कारण है कि संस्था को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में एक भरोसेमंद संगठन के रूप में देखा जाता है।
स्वास्थ्य, पर्यावरण और जनहित के कई अभियान
संस्था ने रक्तदान और भोजन वितरण तक ही अपने कार्यों को सीमित नहीं रखा। पिछले वर्षों में संस्था ने चार आधार कार्ड शिविर, पांच स्वास्थ्य जांच शिविर और तीन वैक्सीनेशन कैंप भी आयोजित किए। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए।
संस्था ने शहर के दो सार्वजनिक पार्कों को गोद लेकर उनके रखरखाव और सौंदर्यीकरण का कार्य भी किया। इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक सहायता, शिक्षा और सामाजिक सहयोग जैसे कई कार्य भी संस्था लगातार करती रही है।
पंजीकरण के बाद मिलेगा काम का बड़ा दायरा
संस्था के सचिव पंकज दत्त भट्ट ने बताया कि अब तक संस्था बिना पंजीकरण के ही अपने सीमित संसाधनों और सदस्यों के सहयोग से समाजसेवा करती रही। बाहरी आर्थिक सहयोग नहीं मिलने के कारण कई योजनाओं को बड़े स्तर पर लागू करना संभव नहीं हो पाता था।
उन्होंने बताया कि संस्था के सभी सदस्यों ने मिलकर यह निर्णय लिया कि समाज सेवा के कार्यों का दायरा बढ़ाने के लिए संस्था का पंजीकरण कराया जाए। इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत ‘प्रयास सहयोग सेवा समिति’ के नाम से संस्था का पंजीकरण कराया गया है।
पंजीकरण के बाद अब संस्था को सरकारी मान्यता मिल गई है। इससे संस्था को विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में भाग लेने, जनसहयोग प्राप्त करने और बड़े स्तर पर जनकल्याण के कार्यक्रम आयोजित करने में आसानी होगी।
समाजसेवा से जुड़ने का दिया आमंत्रण
पंकज दत्त भट्ट ने कहा कि संस्था का प्रत्येक सदस्य समाजसेवा के लिए पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करता है। उन्होंने समाजसेवा में रुचि रखने वाले लोगों से संस्था से जुड़ने की अपील की है। इच्छुक व्यक्ति निर्धारित सदस्यता शुल्क जमा कर एक वर्ष, पांच वर्ष या आजीवन सदस्य बन सकते हैं और समाजहित के कार्यों में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल सेवा कार्य करना नहीं, बल्कि समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करना है। आने वाले समय में संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, रक्तदान, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंद परिवारों की सहायता जैसे क्षेत्रों में और व्यापक स्तर पर काम करने की योजना बना रही है।
संस्था की प्रमुख उपलब्धियां
1- 16 वर्षों से समाजसेवा में सक्रिय।
2- 28 रक्तदान शिविर आयोजित।
3- जरूरतमंदों को 1,410 यूनिट रक्त उपलब्ध कराया।
4- 13 वस्त्र वितरण कार्यक्रम आयोजित।
5- कोरोना काल में 54 दिनों तक प्रतिदिन 500 भोजन पैकेट वितरित किए।
6- आधार कार्ड शिविर, 5 स्वास्थ्य जांच शिविर और 3 वैक्सीनेशन कैंप लगाए।
7- दो सार्वजनिक पार्क गोद लेकर उनके रखरखाव का कार्य किया।
8- अब ‘प्रयास सहयोग सेवा समिति’ के नाम से पंजीकृत होकर बड़े स्तर पर समाजसेवा करेगी।




