नीरज सिसौदिया, बरेली
बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सर्वजन आम पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयप्रकाश भास्कर ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी फरीदपुर सीट पर पूरी दमदारी के साथ चुनाव लड़ेगी। पार्टी के गठन के बाद से ही भास्कर के इस सीट से चुनाव मैदान में उतरने की अटकलें लगाई जा रही थीं। अब पार्टी की चुनावी तैयारियों, सामाजिक समीकरणों पर काम और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने की कवायद के बीच फरीदपुर की राजनीति में एक नए राजनीतिक समीकरण की चर्चा शुरू हो गई है।

जयप्रकाश भास्कर ने दावा किया है कि सर्वजन आम पार्टी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि पार्टी ने क्षेत्र में संगठन विस्तार से लेकर बूथ स्तर तक अपनी तैयारियां की हैं। भास्कर के मुताबिक, यदि आज चुनाव हो जाएं तो पार्टी को भारी मतों से जीत मिलेगी। हालांकि, यह उनका चुनावी दावा है और इसकी वास्तविक स्थिति का पता चुनाव के दौरान मतदाताओं के रुख से ही चलेगा।

सर्वजन आम पार्टी के गठन के बाद से ही यह चर्चा थी कि जयप्रकाश भास्कर फरीदपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने काफी समय पहले से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ानी शुरू कर दी थी। पार्टी की रणनीति केवल चुनाव के नजदीक प्रचार करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक संपर्क, सम्मेलन और गांवों तक पहुंच बनाने पर भी जोर दिया गया।
धोबी समाज से ताल्लुक रखने वाले जयप्रकाश भास्कर ने सबसे पहले अपने समाज को संगठित करने पर ध्यान दिया। इसके बाद उन्होंने जाटव और अन्य दलित समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने की कोशिश की। उनकी रणनीति में मुस्लिमों और पिछड़े वर्गों को पार्टी से जोड़ना भी शामिल रहा। पार्टी की कोशिश इन समुदायों के बीच अपनी राजनीतिक पहचान बनाने और उन्हें एक साझा मंच पर लाने की है।

सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
फरीदपुर में जयप्रकाश भास्कर की राजनीतिक रणनीति का एक प्रमुख पहलू विभिन्न सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाना है। उन्होंने शुरुआत धोबी समाज को एकजुट करने से की और फिर अन्य दलित जातियों, मुस्लिमों तथा पिछड़े वर्गों के बीच संगठन का विस्तार करने का प्रयास किया।

धोबी समाज को क्षेत्र में भाजपा के समर्थक सामाजिक आधार का हिस्सा माना जाता रहा है। ऐसे में भास्कर की ओर से इस समाज को अपने साथ जोड़ने की कोशिश को स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी समाज के कुछ लोगों का किसी पार्टी से जुड़ना और उस समाज के व्यापक मतदाताओं का चुनाव में एक ही दिशा में मतदान करना अलग-अलग बातें हैं। सर्वजन आम पार्टी के लिए चुनौती अपने समर्थकों को मतदान तक सक्रिय रखना और विभिन्न समुदायों के बीच बनाए गए संपर्क को वोटों में बदलना होगा।

दो बड़े सम्मेलनों से दिखाई ताकत
जयप्रकाश भास्कर ने क्षेत्र में दो बड़े सम्मेलन आयोजित कर अपनी राजनीतिक सक्रियता और संगठन की मौजूदगी प्रदर्शित करने का प्रयास किया। पार्टी इन सम्मेलनों को अपनी तैयारियों के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देख रही है। इनके माध्यम से कार्यकर्ताओं और समर्थकों को एकजुट करने के साथ-साथ क्षेत्र में अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने की कोशिश की गई।
पार्टी की गतिविधियों से जुड़े लोगों का मानना है कि इन आयोजनों ने फरीदपुर में सर्वजन आम पार्टी की चर्चा बढ़ाई है। हालांकि, इन सम्मेलनों में जुटी भीड़ का वास्तविक चुनावी प्रभाव कितना होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल पार्टी का जोर अपनी सक्रियता बनाए रखने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने पर है।

गांव-गांव संपर्क और घर-घर प्रचार
सम्मेलनों के बाद जयप्रकाश भास्कर ने घर-घर जाकर प्रचार करने पर ध्यान दिया। वह अब तक कई गांवों में संपर्क अभियान चला चुके हैं। इस दौरान पार्टी की ओर से लोगों के बीच अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज कराने और संगठन के लिए समर्थन जुटाने का प्रयास किया गया।

भास्कर की रणनीति में गांवों तक लगातार पहुंच बनाए रखना महत्वपूर्ण है। विधानसभा चुनाव में केवल बड़े आयोजनों के आधार पर राजनीतिक स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। गांवों में कार्यकर्ताओं की सक्रियता, स्थानीय मुद्दों पर लोगों से संवाद और मतदान के दिन समर्थकों को बूथ तक पहुंचाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। इसी को देखते हुए सर्वजन आम पार्टी बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने में जुटी है।

सभी बूथों पर टीमें तैयार
जयप्रकाश भास्कर के अनुसार, फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी बूथों पर पार्टी की टीमें तैयार कर ली गई हैं। यह दावा उनकी चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की मौजूदगी किसी भी राजनीतिक दल के लिए चुनाव प्रबंधन में मददगार हो सकती है। इससे मतदाताओं से संपर्क बनाए रखने, स्थानीय समस्याओं को समझने और चुनाव संबंधी गतिविधियों के संचालन में सहायता मिलती है।
सर्वजन आम पार्टी के सामने अब इन टीमों को लगातार सक्रिय रखने और संगठन को चुनाव तक मजबूती से बनाए रखने की चुनौती होगी। पार्टी को अपने सामाजिक संपर्क अभियान को भी आगे बढ़ाना होगा, ताकि सम्मेलन और घर-घर प्रचार के जरिए जुड़े लोगों के साथ संवाद बना रहे।

भाजपा और सपा के लिए भी बढ़ी राजनीतिक हलचल
फरीदपुर में सर्वजन आम पार्टी की सक्रियता ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाओं को नया आयाम दिया है। जयप्रकाश भास्कर की ओर से विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच संपर्क बढ़ाने और बूथ स्तर तक संगठन तैयार करने के दावे को भाजपा और समाजवादी पार्टी के स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सर्वजन आम पार्टी की सक्रियता का चुनावी असर किस दल पर कितना पड़ेगा। इसका आकलन पार्टी के संगठनात्मक विस्तार, उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दों, मतदाताओं की प्रतिक्रिया और चुनाव के दौरान बनने वाले गठबंधनों जैसे कारकों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

फिलहाल जयप्रकाश भास्कर ने फरीदपुर में चुनाव लड़ने का स्पष्ट ऐलान कर दिया है। सर्वजन आम पार्टी का लक्ष्य सामाजिक संपर्क को व्यापक बनाने, गांवों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने और बूथ स्तर पर तैयार संगठन के सहारे चुनावी मैदान में उतरना है। अब देखना होगा कि पार्टी अपनी तैयारियों और समर्थन के दावों को मतदान के दिन कितनी प्रभावी चुनावी उपस्थिति में बदल पाती है।




