नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक तैयारियों को गति देने की योजना बनाई है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों और रैलियों में हिस्सा ले सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों में प्रधानमंत्री के करीब एक दर्जन कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है। इन कार्यक्रमों में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, नई योजनाओं का शिलान्यास और जनसभाएं शामिल हो सकती हैं। हालांकि, प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरों का अंतिम कार्यक्रम और तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरों को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की योजना प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम आयोजित करने की है, ताकि विकास योजनाओं के साथ संगठनात्मक गतिविधियों को भी आगे बढ़ाया जा सके। भाजपा इन कार्यक्रमों के जरिये कार्यकर्ताओं से संवाद और आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने पर भी जोर दे रही है।
25 अक्टूबर को वाराणसी पहुंच सकते हैं प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 अक्टूबर को वाराणसी दौरा प्रस्तावित है। इस दौरान वह नमो घाट पर आयोजित होने वाले प्रस्तावित एयर शो में शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य नेताओं के भी शामिल होने की संभावना है।
वाराणसी प्रधानमंत्री मोदी का संसदीय क्षेत्र है। ऐसे में उनके इस प्रस्तावित दौरे पर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के अलावा प्रधानमंत्री के प्रदेश में होने वाले अन्य दौरों की तारीखों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है। इसके तहत अलग-अलग मंडलों में विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रम और जनसभाएं आयोजित की जा सकती हैं। कार्यक्रमों का स्वरूप संबंधित क्षेत्रों में प्रस्तावित परियोजनाओं और पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को ध्यान में रखकर तय किया जाएगा।
विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास पर जोर
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रमों में सरकारी परियोजनाओं का उद्घाटन और विकास योजनाओं का शिलान्यास प्रमुख रूप से शामिल हो सकता है। इसके साथ ही जनसभाओं के आयोजन की भी तैयारी है। पार्टी की योजना विकास कार्यों और जनसंपर्क को एक साथ आगे बढ़ाने की है।
उत्तर प्रदेश में भाजपा की चुनावी तैयारियों के लिहाज से ये कार्यक्रम महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विधानसभा चुनाव से पहले विभिन्न क्षेत्रों में परियोजनाओं की शुरुआत और पूरी हो चुकी योजनाओं के लोकार्पण के जरिये सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखने का अवसर मिल सकता है। वहीं, जनसभाओं के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे लोगों को संबोधित कर सकते हैं।
हालांकि, किन परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया जाएगा और किन क्षेत्रों में जनसभाएं होंगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों की अंतिम सूची तैयार किए जाने के बाद ही इनका पूरा ब्योरा स्पष्ट हो सकेगा।
अमित शाह और नितिन नवीन के कार्यक्रम भी प्रस्तावित
प्रदेश में केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरों की ही तैयारी नहीं की जा रही है, बल्कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
सूत्रों के अनुसार, इन नेताओं के दौरों के जरिये संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने, पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने और चुनाव से पहले तैयारियों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। हालांकि, इन नेताओं के कार्यक्रमों की तारीखों और स्थानों को लेकर भी अंतिम निर्णय होना बाकी है।
वरिष्ठ नेताओं के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित होने से प्रदेश में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों का दायरा बढ़ सकता है। इन आयोजनों में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें, संगठन की तैयारियों की समीक्षा और सार्वजनिक कार्यक्रम शामिल किए जा सकते हैं। लेकिन इनकी विस्तृत रूपरेखा अभी सामने नहीं आई है।
सभी 18 मंडलों तक पहुंचने की योजना
उत्तर प्रदेश भाजपा की योजना प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों को प्रदेश के सभी 18 मंडलों में आयोजित करने की है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रमों की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। करीब एक दर्जन कार्यक्रमों का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिनमें विकास कार्यों से जुड़े आयोजन और जनसभाएं शामिल हो सकती हैं।
प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित करने का मकसद पार्टी की गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करना है। इससे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को वरिष्ठ नेतृत्व के साथ संवाद का अवसर भी मिल सकता है। हालांकि, सभी 18 मंडलों में कार्यक्रमों के आयोजन की योजना के बावजूद यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक मंडल में प्रधानमंत्री स्वयं कार्यक्रम करेंगे या कुछ स्थानों पर अन्य वरिष्ठ नेताओं की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
फिलहाल, भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं के दौरों का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। अंतिम तारीखों, स्थानों और परियोजनाओं की घोषणा के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चुनाव से पहले प्रदेश में पार्टी के कार्यक्रमों का स्वरूप क्या रहेगा।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा उत्तर प्रदेश में राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत वरिष्ठ नेताओं के प्रस्तावित कार्यक्रम इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा हैं।
पार्टी का जोर विकास योजनाओं, जनसभाओं और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद पर रहने की संभावना है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम शुरू होने की स्थिति में आने वाले समय में प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, चुनाव की तारीखों और प्रधानमंत्री के दौरों के बीच समय का अंतर कितना होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
फिलहाल, करीब एक दर्जन कार्यक्रमों की योजना प्रस्तावित है और अंतिम कार्यक्रम का इंतजार है। आने वाले दिनों में तारीखों तथा स्थानों को लेकर निर्णय होने के बाद उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं के संभावित दौरों की तस्वीर साफ हो सकेगी।




