नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खान को जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) मामले में रविवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें शनिवार को गिरफ्तार किया था। गाजियाबाद की एमपी-एमएलए अदालत ने आदेश दिया कि आजम खान 13 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
अदालत के आदेश के बाद आजम खान के वकील दानिश अली ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आजम खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने अदालत में दलील दी कि यह मामला वर्ष 2019 का है। ऐसे में जब आजम खान पहले से ही हिरासत में थे तो संबंधित एजेंसियां बी-वारंट के जरिए कार्रवाई कर सकती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 19 का भी उल्लंघन हुआ है। वकील ने बताया कि ईडी ने मामले में आगे पूछताछ के लिए आजम खान की हिरासत मांगी है।
आजम खान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब इससे ठीक पहले ईडी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था। कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये बताया गया है। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ चल रही धनशोधन जांच के तहत की गई थी।
ईडी के मुताबिक, विश्वविद्यालय की कुर्क की गई संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये है।
रामपुर के सिंहनखेड़ा गांव स्थित जौहर नगर में विश्वविद्यालय परिसर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के स्वामित्व में है। इस ट्रस्ट की स्थापना आजम खान ने की थी और इसका नियंत्रण भी उन्हीं के पास बताया गया है। आजम खान विश्वविद्यालय के मानद कुलाधिपति भी हैं।
ईडी की जांच रामपुर के अजीमनगर थाने में दर्ज 26 प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी। इन प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि जबरन हासिल की गई थी।
जांच एजेंसी के अनुसार, जिला प्रशासन की जांच में सिंहनखेड़ा गांव में करीब 34 एकड़ शत्रु संपत्ति पर भी कथित रूप से विश्वविद्यालय का कब्जा पाया गया था। यह कब्जा जमीन की लीज रद्द होने के बावजूद किया गया था। बाद में जिला प्रशासन की मदद से शत्रु संपत्ति के अभिरक्षक ने इस जमीन को वापस अपने कब्जे में ले लिया।
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला खान को हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट से दोहरी पैन कार्ड मामले में राहत मिली थी। गुरुवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में उनकी सजा पर रोक लगाते हुए दोनों को जमानत दे दी थी। हालांकि, यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े धनशोधन मामले में ईडी ने आजम खान को गिरफ्तार कर लिया।




