यूपी

हरदोई के जिला आबकारी अधिकारी केपी सिंह की पत्नी और फरीदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदार शालिनी सिंह की पटाखा दुकान पर प्रशासन का छापा, अवैध गोदाम में मिले 70 कार्टून पटाखे, पूरा गोदाम सील, निलंबित हो सकता है लाइसेंस और दर्ज हो सकता है आपराधिक मुकदमा, पढ़ें क्या है पूरा मामला?

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नीरज सिसौदिया, बरेली

हरदोई के जिला आबकारी अधिकारी कुंवरपाल सिंह की पत्नी और फरीदपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट की दावेदार शालिनी सिंह की आतिशबाजी दुकान के बगल में कथित तौर पर अवैध गोदाम बनाकर पटाखों का भंडारण किए जाने का मामला सामने आया है। शनिवार को एसडीएम सदर एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर के नेतृत्व में तहसील सदर की संयुक्त टीम ने ग्राम चंदपुर विचपुरी स्थित हितैशी ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान के बराबर में स्थित दूसरी दुकान में पटाखों के 70 गत्ते और कार्टून मिले। खुले में भी विस्फोटक सामग्री रखी हुई पाई गई। टीम ने कार्रवाई करते हुए संबंधित गोदाम को सील कर दिया।
प्रशासन की जांच का अहम पहलू यह है कि आतिशबाजी दुकान का लाइसेंस वैध होने के बावजूद क्या बगल वाली दुकान को भंडारण के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति थी? यदि वह परिसर लाइसेंस में दर्ज नहीं है और उसके लिए अलग भंडारगृह की अनुमति भी नहीं ली गई है, तो यह विस्फोटक नियमावली, 2008 के प्रावधानों का उल्लंघन हो सकता है।
विस्फोटक नियमावली, 2008 के नियम 71 के मुताबिक लाइसेंसधारक पटाखे केवल उसी परिसर में रख सकता है, जिसका उल्लेख लाइसेंस में किया गया हो। वहीं, नियम 82 के तहत पटाखों के लिए अलग भंडारगृह का लाइसेंस लेने का प्रावधान है। नियम के अनुसार ऐसा भंडारगृह स्वतंत्र इमारत होना चाहिए, उसमें अधिकतम पांच हजार किलोग्राम पटाखे रखे जा सकते हैं और वहां बिक्री नहीं की जा सकती। भंडारगृह का निर्माण भी निर्धारित मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
नियम 86 में भंडारगृह के लिए सुरक्षा दूरी के प्रावधान हैं। नियम 118 के तहत अधिनियम, नियमावली या लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंसिंग प्राधिकारी लाइसेंस निलंबित या निरस्त कर सकता है। इसके लिए सामान्य तौर पर लाइसेंसधारक को सुनवाई का अवसर देना होता है।
विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी के तहत नियमों या लाइसेंस की शर्तों के विपरीत विस्फोटक रखने, इस्तेमाल करने, बेचने या परिवहन करने पर दो साल तक की कैद, तीन हजार रुपए तक जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। हालांकि इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच, लाइसेंस की वास्तविक शर्तों और सक्षम प्राधिकारी के निष्कर्ष पर निर्भर करेगी।

31 मार्च 2027 तक वैध है दुकान का लाइसेंस

प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक, ग्राम चंदपुर विचपुरी स्थित हितैशी ट्रेडर्स की आतिशबाजी दुकान शालिनी सिंह पत्नी केपी सिंह, निवासी 22 एमईएस कॉलोनी, सौ फुटा रोड, थाना इज्जतनगर के नाम से संचालित है। निरीक्षण के समय शालिनी सिंह मौके पर मौजूद थीं। अधिकारियों ने दुकान का लाइसेंस भी जांचा, जिसका नवीनीकरण 9 अक्टूबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक पाया गया। यानी दुकान का लाइसेंस वैध अवधि में है, लेकिन बगल की दुकान में भंडारण के लिए अलग अनुमति थी या नहीं, यह जांच का विषय है।
निरीक्षण करने वाली टीम में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर, तहसीलदार सदर प्रशांत अवस्थी और क्षेत्रीय लेखपाल प्रियंक मिश्रा शामिल रहे। टीम ने मौके पर मिले पटाखों के 70 गत्ते और कार्टून तथा खुले में रखी विस्फोटक सामग्री को गोदाम के भीतर रखवाकर परिसर सील कर दिया।

लाइसेंस की शर्तों की जांच से तय होगी आगे की कार्रवाई

अब प्रशासन के सामने यह जांचने का सवाल है कि बगल वाली दुकान को भंडारगृह के रूप में इस्तेमाल करने के लिए अलग लाइसेंस जारी हुआ था या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि गोदाम का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप है या नहीं और उसमें रखे पटाखों की मात्रा लाइसेंस में स्वीकृत सीमा के भीतर थी या नहीं। यदि जांच में बिना अनुमति दूसरे परिसर में पटाखे रखने की पुष्टि होती है तो विस्फोटक नियमावली के उल्लंघन के आधार पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने और विस्फोटक अधिनियम के तहत अभियोजन की कार्रवाई की जा सकती है।
आतिशबाजी के भंडारण में छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब निगाहें जांच रिपोर्ट और लाइसेंसिंग प्राधिकारी के अगले कदम पर रहेंगी।

2022 में बसपा के टिकट पर लड़ी थीं चुनाव

शालिनी सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि भी इस मामले को चर्चा में ला रही है। वह समाजवादी पार्टी की नेत्री हैं और आगामी विधानसभा चुनाव में फरीदपुर सीट से पार्टी के टिकट की दावेदारी कर रही हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सपा छोड़कर बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस समय भी उनके पति केपी सिंह उत्तर प्रदेश के ही एक अन्य जिले में जिला आबकारी अधिकारी के पद पर तैनात थे।

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