नीरज सिसौदिया, जालंधर
जालंधर शहरी जिला कांग्रेस के पूर्व प्रधान दलजीत सिंह आहलूवालिया को कांग्रेस ने जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कमान सौंप दी है. बलदेव सिंह देव को शहरी कांग्रेस जिला प्रधान बनाये जाने के बाद आहलूवालिया नाराज बताये जा रहे थे. सूत्र बताते हैं कि उनकी इसी नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस ने उन्हें चेयरमैन का पद दिया है. वहीं, सियासी जानकारों की मानें तो पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आहलूवालिया को बलि का बकरा बनाया है. एक तरफ चेयरमैनी सौंप कर उन्हें एहसान तले दबाने का प्रयास किया गया है तो दूसरी तरफ ऐसे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की चेयरमैनी सौंपी गई है जिसमें उनके हाथ नाकामियों के अलावा कुछ नहीं लगने वाला. आहलूवालिया की राह में चुनौतियों के पहाड़ खड़े हैं. ऐसे में उनकी चेयरमैनी इतिहास में किन अक्षरों में दर्ज की जाएगी इसका अंदाजा आप ही लगाया जा सकता है.
दरअसल, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट अरबों रुपये के कर्ज में तो डूबा ही हुआ है, उसके पास आय के साधन भी नहीं हैं. बीबी भानी कॉम्प्लेक्स और गुरबंता एन्क्लेव जैसी ट्रस्ट की योजनाओं जिस कचरे के ढेर में पड़ी हुई हैं उनकी हालत देख जनता का इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से ट्रस्ट ही खत्म होता जा रहा है. कई लाभार्थी आज भी फ्लैटों पर कब्जा मिलने का इंतजार कर रहे हैं तो कई प्रोजेक्ट विजिलेंस के राडार पर हैं.
इसके अलावा लीज पर दी गई प्रॉपर्टीज भी एक बड़ा मुद्दा है. इनमें कई लीजधारकों ने तो लीज पर ली हुई प्रॉपर्टी में कंस्ट्रक्शन कराकर उन्हें आगे सबलेट या कहें किराए पर दे दिया. इन प्रॉपर्टीज को बचाना भी बड़ी चुनौती है. अत: स्पष्ट है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की समस्याएं मुंह बाए आहलूवालिया के स्वागत को तैयार खड़ी हैं. पहले उन्हें विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को उनका हक देना होगा. फिर अरबों का कर्ज चुकाना होगा. उसके बाद अधूरी योजनाओं को पूरा करना होगा. तब अगर वक्त बचा तो नई योजनाओं के बारे में सोचना होगा. सियासी जानकार मानते हैं कि इन सब के लिए कैप्टन सरकार के बचे हुए ढाई साल कम पड़ जाएंगे. ऐसे में आहलूवालिया नाकाम चेयरमैन के रूप में खुद ब खुद दर्ज हो जाएंगे. हालांकि, तस्वीर का एक अन्य पहलू भी है. अगर आहलूवालिया इन सब चुनौतियों से पार पा लेते हैं और सरकार से उम्मीद लगाए बैठे लोगों को उनका हक दिला पाते हैं तो इसी इतिहास के पन्नों पर उनका नाम विकास पुरुष के रूप में सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा. दलजीत सिंह आहलूवालिया को इस नई जिम्मेदारी के लिए इंडिया टाइम 24 की ओर से ढेर सारी शुभकामनाएं.

आहलूवालिया के सिर कांटों भरा ताज, डूबते इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को बचाने की चुनौती, अरबों का कर्ज बनेगा गले की फांस




