नीरज सिसौदिया, बरेली
समाजवादी पार्टी एक तरफ तो पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) की आवाज बुलंद करने का दावा कर रही है, वहीं उसी के नेता अपनी ही पार्टी के पिछड़े समाज के पदाधिकारियों पर जानलेवा हमले करवा रहे हैं। यह गंभीर आरोप समाजवादी पार्टी के बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित राजपूत ने सपा के जिला उपाध्यक्ष समर्थ मिश्रा पर लगाया है। बता दें कि रोहित राजपूत पर सोमवार शाम को लगभग दस से बारह की संख्या में हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर दिया। इसमें रोहित को काफी अंदरूनी और बाहरी चोटें भी आई हैं।

रोहित राजपूत ने समर्थ मिश्रा पर हत्या का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा, ‘मैं लोधी समाज से आता हूं और हमारा समाज पिछड़े वर्ग में आता है। मैं माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर पिछले कई महीनों से लगातार पीडीए पंचायतों का आयोजन करवा रहा हूं। समर्थ मिश्रा चाहते हैं कि मैं कैंट विधानसभा सीट से सपा के टिकट के किसी अन्य दावेदार को पीडीए पंचायतों में न बुलाऊं। चूंकि मैं संगठन का विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष हूं इसलिए मेरे लिए पार्टी का हर नेता बराबर है। इसीलिए मैं सभी नेताओं को बुलाता हूं और पीडीए पंचायतों के माध्यम से अखिलेश यादव जी के अभियान को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूं। समर्थ मिश्रा आपराधिक किस्म का व्यक्ति है। उसके ऊपर कई मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। उसने एक पीडीए पंचायत का आयोजन किया जिसमें लोगों को शराब सहित अन्य चीजों का लालच देकर इकट्ठा किया। मुझे जब इसकी पर्चियां मिलीं तो मैंने आपत्ति जताई। इसी से नाराज होकर समर्थ मिश्रा ने अपने गुंडे भेजकर मुझे पिटवाया। हमलावर मोटरसाइकिलों में आए थे। उन्होंने लात-घूंसों से मुझे पीटा। उनके पास रिवॉल्वर भी थी। मैंने इस संबंध में पुलिस को लिखित में शिकायत भी दी है लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। चूंकि मैं लोधी समाज जैसे पिछड़े समाज से आता हूं और समर्थ मिश्रा सवर्ण ब्राह्मण समाज से आता है और बारादरी थाना प्रभारी से लेकर चौकी इंचार्ज तक ब्राह्मण समाज से आते हैं तो ऐसे में मुझे नहीं लगता कि मुझे इंसाफ मिल पाएगा। मैं माननीय अखिलेश यादव जी से अपील करता हूं कि मुझे इंसाफ दिलाया जाए।’






