इंटरव्यू

कांग्रेस के लिए कैंट और भोजीपुरा विधानसभा सीट सबसे अहम, मैं शहजिल इस्लाम को नेता नहीं मानता, उनके पिता भी एक बिरादरी के नेता हैं, कौम के नहीं, शहजिल और सुल्तान की लड़ाई का कांग्रेस को होगा फायदा, पढ़ें कांग्रेस के दिग्गज नेता नवाब मुजाहिद हसन खां का बेबाक इंटरव्यू

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कांग्रेस के दिग्गज नेता और कैंट विधानसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी नवाब मुजाहिद हसन खां इन दिनों 125 बरेली कैंट विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। बरेली जिले के मुस्लिमों के सर्वमान्य नेता होने के साथ ही हिन्दू समाज के बीच भी उनकी गहरी पैठ है। ऐसे में नवाब मुजाहिद कांग्रेस के लिहाज से बरेली जिले की सबसे अहम सीट किसे मानते हैं? भोजीपुरा से समाजवादी पार्टी के विधायक और मीरगंज के पूर्व विधायक सुल्तान बेग की आपसी लड़ाई को वह कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद मानते हैं। क्या शहजिल इस्लाम और उनके पिता इस्लाम साबिर को वह पूरी कौम का नेता मानते हैं या सिर्फ एक बिरादरी का? ऐसे कई मुद्दों पर वरिष्ठ कांग्रेसी दिग्गज नवाब मुजाहिद हसन खां ने बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी। पेश हैं इंडिया टाइम 24 डॉट कॉम (indiatime24.com) के संपादक नीरज सिसौदिया के साथ नवाब मुजाहिद हसन खां की बेबाक बातचीत के मुख्य अंश…

सवाल : बिहार में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जो खींचतान चल रही है इस वक्त, किस नजरिए से देखते हैं आप उसे?
जवाब : देखिए मतदाता अब जागरुक हो चुका है और उसे अब कोई जल्दी बेवकूफ नहीं बन सकता है। इसी का नतीजा है कि आज बिहार में वहां का मतदाता सड़कों पर है और वह इस बात को अच्छी तरह से समझ रहा है कि उनके वोट काटने की एक मुहिम चलाई जा रही है। अब ये लोग एक्सपोज होने लगे हैं।

सवाल : तो इसका उत्तर प्रदेश के चुनाव पर क्या असर पड़ेगा? सकारात्मक या नकारात्मक?
जवाब : नकारात्मक असर तो बिल्कुल भी नहीं पड़ेगा। निश्चित तौर पर सकारात्मक असर पड़ेगा क्योंकि यूपी का जो वोटर है, जो त्रस्त वोटर है वह बिहार की तरफ देख रहा है और जिस पैटर्न पर बिहार में यह लड़ाई लड़ी जा रही है अगर वह सफल होती है तो यूपी में भी उसी तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी। वैसे सुप्रीम कोर्ट ने वहां पर बहुत कुछ ठीक कर दिया है कि जो आधार कार्ड है, राशन कार्ड है उसे भी स्वीकार करना चाहिए। तो पहले जो यह चीज होती थी वोट काटने की वह शायद अब यूपी में भी ना हो पाए और इससे बहुत फायदा होगा।

इंटरव्यू के दौरान सवालों के जवाब देते नवाब मुजाहिद हसन खां।

सवाल : यूपी चुनाव में मुख्य मुद्दा आपकी नजर में क्या होगा?
जवाब : महंगाई चरम सीमा पर है, भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, लॉ एंड आर्डर का यह हाल है कि अगर आप अखबार का पन्ना खोलें तो उसमें 70% खबरें आपको अपराध और अपराधियों की ही मिलेंगी। इस वक्त आदमी बोल भले ही नहीं रहा है लेकिन अंदर से वह इन सब चीजों को लेकर बेहद परेशान है।

सवाल : बरेली जिले में नौ विधानसभा सीटें हैं। कांग्रेस के लिहाज से आप कौन-कौन सी सीटों को सबसे अहम मानते हैं?
जवाब : कांग्रेस के लिहाज से अगर पिछले रिकॉर्ड के आधार पर आप देखेंगे तो सबसे अहम कैंट विधानसभा सीट है क्योंकि 2017 में जब गठबंधन हुआ था तो इस सीट पर हार जीत का अंतर अन्य सीटों की तुलना में बेहद कम था। उसके बाद भोजीपुरा भी कांग्रेस के लिए बहुत अच्छी सीट है।

सवाल : आपने कहा कि भोजीपुरा कांग्रेस के लिए अच्छी सीट है, इसकी क्या वजह है?
जवाब : पहली वजह यह है कि भोजीपुरा में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद काफी अच्छी है और वहां विपक्ष में कोई बहुत भारी नेता भी नहीं है। साथ हीवसमाजवादी पार्टी में जो अंदरूनी कलह चल रही है, उनकी अपनी ही पार्टी के नेता एक-दूसरे को काटने में लगे हुए हैं तो उसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा। शहजिल इस्लाम और सुल्तान बेग जिस तरह से आपस में लड़ रहे हैं, इन दोनों की लड़ाई में मुस्लिम मतदाता यह समझ रहा है कि ये दोनों आपस में ही लड़ेंगे और सीट नहीं जीत पाएंगे तो ऐसे में मुस्लिम कांग्रेस को सपोर्ट कर सकता है।

कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के साथ नवाब मुजाहिद हसन खां।

सवाल : तो इसका मतलब है कि शहजिल इस्लाम को आप नेता नहीं मानते हैं?
जवाब : शहजिल इस्लाम को तो मैं नेता नहीं मानता हूं लेकिन उनके जो फादर (पिताजी) हैं वो एक बिरादरी के नेता हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है।

सवाल : लेकिन अभी आपने कहा कि भोजीपुरा में विपक्ष में कोई ऐसा भारी नेता नहीं है जो जीतने का दम रखता हो?
जवाब : देखिए एक बिरादरी के नेता और एक कौम के नेता में फर्क होता है। एक वह नेता होता है जिसका पूरी कौम पर असर होता है और दूसरा एक बिरादरी का नेता होता है तो इन दोनों में फर्क है।

सवाल : तो आप उन्हें काैम का नेता मानते हैं या फिर एक बिरादरी का नेता?
जवाब : वह अंसारी बिरादरी के मजबूत नेता हैं, उन्हें हर जाति का सर्वमान्य नेता तो नहीं कहा जा सकता।

सवाल : तो आपको लगता है कि सुल्तान बेग की सक्रियता से मुस्लिम वोट जो गैर अंसारी बिरादरी के हैं वह बंट जाएंगे?
जवाब : नुकसान तो जरूर पहुंचाएंगे। हालांकि, पिछली बार भी सुल्तान बेग ने मुखालफत की लेकिन फर्क नहीं पड़ा उससे पिछली बार। लेकिन 2017 में जब चुनाव हुए थे और सुल्तान बेग के भाई सुलेमान बेग भी खड़े हुए थे तो उस वक्त शहजिल हार गए थे। इस बार भी वैसी ही स्थिति बन रही है।

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