नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपने सबसे बड़े राजनीतिक अभियान ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) को गांव-गांव पहुंचाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। बरेली जिले में इस अभियान के तहत ‘पीडीए आशीर्वाद यात्रा’ को सबसे पहले जमीन पर उतारने का काम आंवला विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार और पूर्व प्रत्याशी डॉ. जीराज सिंह यादव ने किया है। उन्होंने शुक्रवार रात अपनी जन्मभूमि कस्बा अलीगंज से ‘पीडीए आशीर्वाद यात्रा’ का शुभारंभ कर न केवल पार्टी के संदेश को जनता तक पहुंचाने की शुरुआत की, बल्कि यह भी संकेत दिया कि विधानसभा चुनाव से पहले अब समाजवादी पार्टी की राजनीति सीधे गांवों की चौपालों से संचालित होगी।

राजनीतिक दृष्टि से इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि बरेली जिले में डॉ. जीराज सिंह यादव पहले ऐसे समाजवादी नेता बन गए हैं, जिन्होंने पीडीए आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत की है। ऐसे समय में जब समाजवादी पार्टी पूरे प्रदेश में पीडीए को अपने सबसे प्रभावी सामाजिक और राजनीतिक अभियान के रूप में स्थापित करने में जुटी है, तब बरेली में इस अभियान का नए स्वरूप में आगाज होना पार्टी संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

डॉ. जीराज सिंह यादव ने अपनी यात्रा की शुरुआत किसी बड़े मंच या शहर से नहीं, बल्कि अपनी जन्मभूमि ग्राम पंचायत और कस्बा अलीगंज से की। राजनीति में इसे केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है। उन्होंने गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया, लोगों से संवाद किया और समाजवादी पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। लोगों ने हाथ उठाकर भगवान से प्रार्थना की कि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की जीत हो और पार्टी का नेतृत्व मजबूत होकर प्रदेश में सरकार बनाए। पूरे कार्यक्रम के दौरान “जय समाजवाद” और “अखिलेश यादव जिंदाबाद” के नारों से माहौल गूंजता रहा।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पिछले कई महीनों से पीडीए को भाजपा के मुकाबले सबसे बड़ा सामाजिक गठबंधन बताते रहे हैं। उनका मानना है कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों की एकजुटता प्रदेश की राजनीति की दिशा बदल सकती है। यही वजह है कि पार्टी अब केवल सभाओं तक सीमित रहने के बजाय सीधे गांवों और मोहल्लों तक पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है।

आंवला में शुरू हुई यह यात्रा उसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। चुनावी राजनीति में समय से पहले जनता के बीच पहुंचने वाले नेता ही स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार तैयार कर पाते हैं। डॉ. जीराज सिंह यादव का लगातार क्षेत्र में सक्रिय रहना और अब पीडीए आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच संवाद स्थापित करना इसी व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बरेली जिले की राजनीति में भी इस यात्रा के अलग मायने निकाले जा रहे हैं। अभी तक जिले में सिर्फ पीडीए गोष्ठी या पीडीए सम्मेलन हो रहे थे लेकिन पीडीए आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत डॉ. जीराज सिंह यादव ने ही की है। इससे जीराज यादव के समर्थकों में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में यह यात्रा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों तक पहुंचेगी और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने में मदद करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2027 का चुनाव केवल दलों के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि सामाजिक समीकरणों की नई परिभाषा भी तय करेगा। ऐसे में जो नेता चुनाव से पहले लगातार जनता के बीच रहकर पार्टी की विचारधारा और संगठन को मजबूत करेंगे, वे स्वाभाविक रूप से राजनीतिक रूप से अधिक प्रभावशाली बनकर उभरेंगे।
फिलहाल इतना तय है कि अलीगंज से शुरू हुई पीडीए आशीर्वाद यात्रा ने आंवला विधानसभा की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

बरेली जिले में इस अभियान की पहली शुरुआत करने वाले डॉ. जीराज सिंह यादव ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि समाजवादी पार्टी का 2027 का चुनावी अभियान अब केवल नारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों का आशीर्वाद और विश्वास हासिल करने की कोशिश करेगा। आने वाले दिनों में यह यात्रा कितना व्यापक जनसमर्थन जुटाती है, इस पर न केवल आंवला बल्कि पूरे बरेली जिले की राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।




