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मेहमान नहीं मददगार, राजनीति से पहले रिश्तों की डोर: बोटियों की मुस्कान से दिलों को जीत रहे सपा नेता डॉ. जीराज सिंह यादव, अब कश्यप परिवार की बेटी के सपनों को दी उड़ान

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नीरज सिसौदिया, बरेली

उत्तर प्रदेश की 126 आंवला विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के संभावित दावेदारों के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। चुनावी तैयारियों के साथ-साथ जनसंपर्क अभियान भी गति पकड़ रहा है। ऐसे समय में जहां अधिकांश नेता सभाओं और नारों तक सीमित दिखाई देते हैं, वहीं समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार डॉ. जीराज सिंह यादव लगातार सामाजिक सरोकारों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रहे हैं। बेटियों की शादी में आर्थिक सहयोग, गरीब परिवारों के क्षतिग्रस्त मकानों के निर्माण में मदद और जरूरतमंदों की हरसंभव सहायता जैसे कार्य उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख पहचान बनते जा रहे हैं।

इसी क्रम में शनिवार देर रात, 11 जुलाई 2026 को डॉ. जीराज सिंह यादव ग्राम पंचायत कसुमरा पहुंचे, जहां उन्होंने कश्यप समाज के सोनपाल कश्यप की पुत्री शिवानी कश्यप के विवाह समारोह में शामिल होकर नवदंपति को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की समाजवादी सोच का उल्लेख करते हुए बेटी की शादी के लिए अस्पताल की ओर से आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया।

डॉ. जीराज सिंह यादव ने कहा कि किसी भी बेटी की शादी केवल उसके परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व होती है। यदि सक्षम लोग जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े हों तो आर्थिक अभाव किसी भी बेटी के सपनों में बाधा नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि समाजवादी विचारधारा का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग पहुंचाना है और उसी भावना के साथ वह लगातार लोगों के बीच काम कर रहे हैं।

हालांकि राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो यह कार्यक्रम केवल एक सामाजिक उपस्थिति भर नहीं माना जा रहा। आंवला विधानसभा क्षेत्र में डॉ. जीराज सिंह यादव लंबे समय से चिकित्सा सेवा और सामाजिक कार्यों के माध्यम से अपनी मजबूत पकड़ बनाने में जुटे हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि वह चुनाव के समय ही नहीं बल्कि पूरे वर्ष क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनते हैं।

डॉ. जीराज सिंह यादव इससे पहले भी कई निर्धन परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहायता कर चुके हैं। क्षेत्र में ऐसे अनेक उदाहरण बताए जाते हैं जब उन्होंने बिना किसी प्रचार-प्रसार के जरूरतमंद परिवारों की मदद की। यही नहीं, प्राकृतिक आपदा, बारिश या अन्य कारणों से जिन गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, उनके पुनर्निर्माण में भी वह आर्थिक और अन्य प्रकार का सहयोग उपलब्ध कराते रहे हैं। उनके सामाजिक कार्यों की चर्चा केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न समुदायों में भी उनकी सक्रियता देखने को मिलती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वर्तमान दौर में केवल भाषणों के आधार पर जनसमर्थन हासिल करना आसान नहीं रह गया है। मतदाता अब नेताओं के पिछले कार्यों और उनके सामाजिक व्यवहार को भी गंभीरता से देखते हैं। ऐसे में डॉ. जीराज सिंह यादव का सेवा आधारित जनसंपर्क अभियान उन्हें अन्य दावेदारों से अलग पहचान दिलाने का प्रयास माना जा सकता है।

कसुमरा गांव में आयोजित विवाह समारोह में उनकी उपस्थिति का एक सामाजिक संदेश भी माना जा रहा है। कश्यप समाज के कार्यक्रम में पहुंचकर उन्होंने सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के साथ संवाद की अपनी नीति को भी सामने रखा। इससे यह संकेत मिलता है कि वह किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित राजनीति के बजाय व्यापक सामाजिक आधार तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

समारोह में मौजूद लोगों ने भी उनके इस कदम की सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना था कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बेटी की शादी सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे समय में यदि कोई जनप्रतिनिधि या जनसेवक आगे बढ़कर सहयोग करता है तो उससे परिवार को न केवल आर्थिक राहत मिलती है बल्कि सामाजिक संबल भी प्राप्त होता है।

डॉ. जीराज सिंह यादव ने इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाजवादी आंदोलन हमेशा गरीबों, किसानों, पिछड़ों, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि इसी विचारधारा से प्रेरणा लेकर वह भी लगातार समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय हैं और आगे भी क्षेत्र की जनता के बीच इसी प्रकार कार्य करते रहेंगे।

आंवला विधानसभा में आगामी चुनाव को देखते हुए विभिन्न राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण साधने में जुटे हैं। ऐसे समय में सामाजिक कार्यों के जरिए जनता के बीच लगातार मौजूद रहना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। डॉ. जीराज सिंह यादव की सक्रियता यह संकेत देती है कि वह केवल टिकट के दावेदार के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे जनसेवक की छवि स्थापित करना चाहते हैं जो चुनावी मौसम से इतर भी लोगों के जीवन से जुड़ा रहता है।

कुल मिलाकर, कसुमरा गांव में शिवानी कश्यप की शादी में पहुंचकर दिया गया आर्थिक सहयोग एक सामान्य सामाजिक कार्यक्रम से कहीं अधिक महत्व रखता है। यह उस जनसंपर्क शैली का हिस्सा है जिसमें सेवा, संवेदना और सामाजिक भागीदारी को राजनीतिक संवाद का माध्यम बनाया जा रहा है। आने वाले समय में यह रणनीति आंवला विधानसभा की राजनीति में कितना असर छोड़ती है, इस पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ क्षेत्र की जनता की भी नजर रहेगी।

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