नीरज सिसौदिया, नई दिल्ली
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के वास्ते जल्द ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालेंगे। यह रथ यात्रा पार्टी के पीडीए गठबंधन फॉर्मूले को मजबूत करने पर केंद्रित होगी। इसकी शुरुआत सितंबर के पहले हफ्ते में होगी और यह राज्य के 75 जिलों के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इस यात्रा का मकसद जमीनी स्तर पर सीधे जनता से जुड़ना है। सपा सांसद और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली में इसकी पुष्टि की। वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में पार्टी सांसद रागिनी सोनकर और अन्य नेताओं के साथ जंतर-मंतर पर आई थीं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह सोनम वांगचुक का आग्रह स्वीकार करे। इसी दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ‘पीडीए’ (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) रथ यात्रा को लेकर कहा कि सितम्बर में अखिलेश यादव पूरे प्रदेश में रथ यात्रा निकालेंगे। वहीं, समाजवादी पार्टी बरेली के महानगर अध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस पहल का तहे दिल से स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पीडीए रथ यात्रा पार्टी की विजय यात्रा होगी और आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनेगी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। बरेली का एक-एक कार्यकर्ता अभी से इस रथयात्रा को सफल बनाने के लिए जी-जान से जुट जाएगा।

वहीं, लखनऊ में सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने के मकसद से अखिलेश अगले कुछ महीनों में पूरे राज्य में ‘सपा पीडीए रथ यात्रा’ निकालने जा रहे हैं। सपा सूत्रों के मुताबिक, इस रथ यात्रा के दौरान हाशिये पर मौजूद समुदायों की समस्याओं जैसे कि बेरोजगारी, स्थानीय प्रतिनिधित्व और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जन-विरोधी नीतियों को उजागर करने पर जोर दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, यात्रा में बड़ी जनसभाएं, छोटी बैठकें और सपा नेतृत्व तथा विभिन्न समुदायों के प्रमुखों के बीच सीधी बातचीत भी शामिल होगी, ताकि 2027 में सत्ताधारी भाजपा को चुनौती देने के लिए एक ठोस राजनीतिक खाका तैयार किया जा सके।
अखिलेश ने साल 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले भी रथ यात्रा निकाली थी। सूत्रों ने बताया कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने के लिए रथ यात्रा निकालने का यह फैसला 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन के बाद लिया गया है, जब पीडीए के नारे से उसे फायदा मिला था और उसने अपने इतिहास का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 37 सीट जीती थीं। सूत्रों के मुताबिक, सपा का मकसद इस राज्यव्यापी यात्रा के जरिये उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में अपने जनाधार को मजबूत करना है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि रथ यात्रा की तैयारी की जा रही है और पार्टी ने आधी से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार भी लगभग तय कर लिए हैं। रथ यात्राएं इससे पहले भी सपा के लिए प्रचार अभियान का महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश के नेतृत्व में चलाए गए ऐसे ही बड़े अभियान के बाद सपा को पूर्ण बहुमत मिला था और वह मुख्यमंत्री बने थे।




