नीरज सिसौदिया, बरेली
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनावी तैयारियों के बीच जहां अधिकांश नेता जनसभाओं, बैठकों, स्वागत समारोहों और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन तक सीमित नजर आते हैं, वहीं बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार चंद्रसेन सागर ने एक ऐसी पहल शुरू की है, जो उन्हें अन्य दावेदारों से अलग पहचान दिला रही है। फरीदपुर तहसील क्षेत्र में निराश्रित और असहाय महिला-पुरुषों के लिए आश्रय गृह के निर्माण की दिशा में कदम उठाकर चंद्रसेन सागर ने सामाजिक सरोकारों को अपनी राजनीतिक सक्रियता के केंद्र में रखने का संदेश दिया है।

फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक किसी भी राजनीतिक नेता द्वारा निराश्रित और बेसहारा लोगों के लिए इस तरह के आश्रय गृह के निर्माण की पहल नहीं की गई है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रसेन सागर की यह पहल क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है। खास बात यह है कि चंद्रसेन सागर केवल चुनावी वादों और भविष्य की घोषणाओं तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की उस सोच को जमीन पर उतारने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें निराश्रित और असहाय लोगों के सम्मानजनक जीवन की व्यवस्था करने की बात कही गई है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार बनने के बाद तहसील स्तर पर निराश्रित एवं असहाय महिला और पुरुषों के लिए ऐसे आश्रय गृह बनाए जाएंगे, जो स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से सुसज्जित होंगे। इसी विचार और संकल्प से प्रेरित होकर फरीदपुर में चंद्रसेन सागर ने इस दिशा में पहल करते हुए ‘शिवपाल सिंह यादव निराश्रित व असहाय आश्रय गृह’ की स्थापना का निर्णय लिया।
इस महत्वाकांक्षी और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण परियोजना का शिलान्यास सोमवार को फरीदपुर तहसील क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव की पत्नी श्रीमती सरला सिंह यादव के कर-कमलों द्वारा किया गया। शिलान्यास कार्यक्रम ने न केवल इस सामाजिक परियोजना की शुरुआत की, बल्कि फरीदपुर की राजनीति में भी एक नया संदेश दिया कि जनप्रतिनिधित्व की तैयारी केवल चुनाव के समय मतदाताओं से समर्थन मांगने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज के उन लोगों के लिए भी काम होना चाहिए जिनकी आवाज अक्सर राजनीतिक मंचों तक नहीं पहुंच पाती।
चंद्रसेन सागर लंबे समय से फरीदपुर क्षेत्र में अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी के टिकट के मजबूत दावेदारों में गिने जा रहे हैं। लेकिन निराश्रित और असहाय लोगों के लिए आश्रय गृह बनाने की उनकी पहल उन्हें अन्य राजनीतिक दावेदारों से अलग करती है। फरीदपुर विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले नेताओं की कमी नहीं है, लेकिन अब तक किसी ने भी बेसहारा महिला-पुरुषों के लिए स्थायी आश्रय की व्यवस्था करने जैसा कदम नहीं उठाया था।

राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में भी यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें चुनावी लाभ से अधिक सामाजिक जरूरत को प्राथमिकता देने का प्रयास दिखाई देता है। सड़कों, बिजली, पानी और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच समाज का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जिसके पास रहने के लिए सुरक्षित स्थान तक नहीं होता। निराश्रित बुजुर्ग, बेसहारा महिलाएं और कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे लोग अक्सर असुरक्षा और उपेक्षा का जीवन जीने को मजबूर होते हैं। ऐसे लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय और सुरक्षित ठिकाने से युक्त आश्रय गृह केवल एक भवन नहीं, बल्कि सम्मान के साथ जीवन जीने की उम्मीद बन सकता है।
चंद्रसेन सागर की योजना यहीं तक सीमित नहीं है। उन्होंने घोषणा की है कि जल्द ही समाजवादी पार्टी की सांसद एवं वरिष्ठ नेता श्रीमती डिंपल यादव से अनुमति लेकर फरीदपुर तहसील क्षेत्र में महिलाओं के कल्याण के लिए उनके नाम से भी एक भवन का निर्माण कराया जाएगा। यह भवन महिलाओं की जरूरतों और उनके सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखते हुए बनाया जाएगा। इस घोषणा के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि चंद्रसेन सागर फरीदपुर क्षेत्र में सामाजिक सुविधाओं का एक ऐसा ढांचा विकसित करने की दिशा में काम करना चाहते हैं, जिसमें समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों को प्राथमिकता मिले।

फरीदपुर विधानसभा सीट की राजनीति में चंद्रसेन सागर लगातार अपनी अलग कार्यशैली के कारण पहचान बना रहे हैं। वह केवल राजनीतिक कार्यक्रमों और सभाओं तक सीमित रहने के बजाय सामाजिक मुद्दों को केंद्र में रखकर अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं। इससे पहले भी क्षेत्र में जनसंपर्क और सामजिक गतिविधियों के माध्यम से उन्होंने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है, लेकिन निराश्रित एवं असहाय लोगों के लिए आश्रय गृह का निर्माण उनकी अब तक की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में से एक माना जा रहा है।
विशेष बात यह है कि चंद्रसेन सागर ने जिस समय यह कदम उठाया है, उस समय उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। सभी राजनीतिक दल और संभावित उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों में जनाधार मजबूत करने में जुटे हैं। ऐसे माहौल में फरीदपुर के लिए टिकट के प्रबल दावेदार चंद्रसेन सागर का यह कदम उन्हें केवल एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने वाले नेता के रूप में स्थापित करने की कोशिश माना जा रहा है।

चंद्रसेन सागर का कहना है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सोच हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने की रही है। उसी सोच से प्रेरित होकर फरीदपुर तहसील क्षेत्र में निराश्रित एवं असहाय लोगों के लिए आश्रय गृह की शुरुआत की जा रही है। उनका मानना है कि जिन लोगों का कोई सहारा नहीं है, उनके लिए समाज और जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए।
फरीदपुर में अब तक किसी नेता द्वारा इस तरह की पहल न किए जाने के कारण चंद्रसेन सागर की यह परियोजना राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में यदि यह आश्रय गृह अपने उद्देश्य के अनुरूप तैयार होता है, तो यह न केवल निराश्रित लोगों के लिए राहत का केंद्र बनेगा, बल्कि फरीदपुर की राजनीति में सामाजिक सरोकार आधारित पहल का एक उदाहरण भी पेश करेगा।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चंद्रसेन सागर ने साफ संकेत दिया है कि उनकी राजनीति केवल चुनाव जीतने की तैयारी तक सीमित नहीं है। निराश्रितों के लिए आश्रय गृह और महिलाओं के कल्याण के लिए अलग भवन बनाने की योजना के जरिए वह फरीदपुर में एक अलग राजनीतिक संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं। यही कारण है कि समाजवादी पार्टी के टिकट के दावेदारों की चर्चा के बीच चंद्रसेन सागर की यह पहल उन्हें सबसे अलग खड़ा करती नजर आ रही है।
फरीदपुर की जनता के बीच अब यह चर्चा तेज है कि जहां दूसरे नेता चुनावी समीकरण साधने में व्यस्त हैं, वहीं चंद्रसेन सागर ने उन लोगों के लिए छत की चिंता शुरू की है, जिनके सिर पर अपना कोई ठिकाना नहीं है।




