इंटरव्यू

अंग्रेजी साहित्य के फलक पर चमकता फैजाबाद का एक सितारा

कोमल श्रीवास्तव, फैजाबाद 

किताबें उसे बोझ लगती थीं और पढ़ाई उसे काटने को दौड़ती थी। तीन बड़ी बहन और मां बाप को हमेशा बस एक ही फिक्र होती थी कि आखिर यह लड़का जिंदगी में क्या करेगा? मगर उन्हें क्या पता था जिस लड़के को वह निकम्मा और नाकारा समझ रहे हैं एक दिन उसे पूरी दुनिया सिर आंखों पर बिठाएगी।

आज 20 साल का वह लड़का अंग्रेजी साहित्य की दुनिया में धूम मचा रहा है। उसकी कलम के दीवाने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बढ़ते जा रहे हैं। विदेशी पब्लिशर उसे किताब लिखने का न्योता दे रहे हैं और कल अपनों की डांट खाने वाला प्रकाश आज अपनी कलम से अंग्रेजी साहित्य को रोशन कर रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं फैजाबाद जिले की रुदौली तहसील के एक छोटे से गांव बिड़हार से ताल्लुक रखने वाले प्रकाश श्रीवास्तव की।
प्रकाश वर्तमान में दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम कर रहा है। उनके पिता प्रेम शंकर श्रीवास्तव केंद्रीय लोक निर्माण विभाग से रिटायर हैं। महेश 20 साल की उम्र में प्रकाश ने अपनी पहली किताब इन द मेमोरी ऑफ माय फर्स्ट लव लिखी। शुरुआत में उन्हें कुछ खास रिस्पांस नहीं मिला तो वह निराश होने लगे थे। लेकिन जैसे-जैसे वक्त गुजरता गया प्रकाश की यह रचना देश-विदेश में फैलती गई और उसके क़दरदानों की तादाद दिन ब दिन बढ़ती गई। आज प्रकाश अंग्रेजी साहित्य की दुनिया का उभरता हुआ सितारा बन चुका है। प्रकाश तीन बहनों का इकलौता भाई है, घर में उसे सब प्यार से आशु बुलाते हैं।

परिजन बताते हैं कि प्रकाश का मन बचपन से ही पढ़ाई में नहीं लगता था. वह दिन भर गलियों मोहल्लों में फिरता रहता था. किसी को यकीन नहीं था कि महज बीस साल की उम्र में वह देश विदेश में नाम रोशन करेगा. उसकी एक किताब इन द मेमोरी ऑफ मई लव आज लोगों के दिलों में बस गई है.
अपने सफर के बारे में प्रकाश कहते हैं कि दिल्ली के एक इंस्टीट्यूट में स्टेनो सीख रहा था. एक दिन सेन्टर में ही कॉपी छूट गई जिसमें कहानी लिखी हुई थी। सेन्टर इंचार्ज के हाथ कॉपी लगी तो उनहोंने कहानी पढ़ी. कहानी उनके दिल को छू गई। पब्लिशर सेन्टर इंचार्ज ने प्रकाश से बुक पब्लिश करने की बात कही, मगर प्रकाश ने हल्के में लेकर बात टाल दी। पर किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। सेन्टर इंचार्ज ने प्रकाश को बिना बताए उसकी बुक पब्लिश कर दी। बुक को काफी अच्छा रिस्पांस मिला। इंटरनेट पर धड़ाधड़ बिकने लगी। इसके बाद मानो प्रकाश की जिंदगी रोशन हो उठी। उसे बुक की अच्छी खासी रॉयल्टी भी मिली। विदेशो में भी यह किताब खूब पसंद की गई। वहां के पब्लिशर ने प्रकाश को दूसरी बुक लिखने का ऑफर दिया. अब प्रकाश की दूसरी बुक भी तैयार है। इसका नाम माई मेचर टीन लव है। प्रकाश आज युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है। मूलत: उत्तर प्रदेश के फैज़ाबाद जिले के रहने वाला प्रकाश अपनी फैमिली के साथ बुराड़ी में रहता है। प्रकाश ने अपनी उपलब्धि से सिर्फ अपना ही नहीं बल्कि फैजाबाद समेत पूरे देश का नाम रोशन किया है। भगवान राम की धरती में जन्मा प्रकाश अब पूरी दुनिया में प्रकाश फैलाने को बेताब है।

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