झारखण्ड

डीवीसी की छाई ट्रांसपोर्टिंग 48 घंटे से बंद, दहशत में कर्मी

रामचंद्र कुमार अंजाना, बोकारो थर्मल
सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम डीवीसी बोकारो ताप विद्युत केंद्र के नये ऐश पौंड दो-दो नक्सली संगठनों के निशाने पर हैं। कुछ अंतराल पर माओवादियों ने दो बार ऐश पौंड पर चढ़ाई की। 20 मार्च को नई नक्सली संगठन जेजेएमपी के नक्सलियों ने ऐश पौंड में फायरिंग कर पुलिस-प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके पूर्व भी बोकारो थर्मल में लगातार दो दिनों तक पोस्टरबाजी कर सनसनी फैला दी थी। इस मामले को भी पुलिस ने हल्के ढंग से लिया था। परिणाम स्वरूप ऐश पौंड में फायरिंग कर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली है। ऐश पौंड में फायरिंग के मामले स्थानीय पुलिस एकदम बैकफुट पर नजर आ रही है। फायरिंग के 48 घंटे बाद भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
सूत्र बताते हैं कि दो साल पूर्व माओवादियों ने ऐश ट्रांसपोर्टिंग कंपनी से दो करोड़ की लेवी मांगी थी। लेवी की डिमांड को लेकर दो बार ऐश पौंड में नक्सली पहुंचे और काम बंद करवा दिया। धमकी के बाद कंपनी ने ऐश पौंड से सारी मशीनें हटा ली थीं। कई दिनों तक ऐश ट्रांसपोर्टिंग बंद रही थी। बाद में पुलिस व सीआरपीएफ के निगरानी में काम शुरू हुआ था। सूत्र बताते हैं कि इस बार भी माओवादियों ने लेवी की रकम के जुगाड़ को लेकर पहले बोकारो थर्मल के विभिन्न जगहों पर पोस्टरबाजी कर अपनी उपस्थिति दर्ज की और इसके बाद ऐश पौंड में फायरिंग कर सनसनी फैला दी। हालांकि अब भी पुलिस के कुछ अधिकारी इसे शरारती तत्व मानकर जांच करने की बात कह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार के ऐश पौंड से नक्सलियों को माइनेज के नाम पर वसूली की जाती है, जिसकी सूचना माओवादियों व जेजेएमपी को मिल गयी है। लेकिन वसूली जा रही रकम नक्सलियों के पास नहीं पहुंचने के कारण ऐश पौंड में फायरिंग की गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर परमेश्वर लेंयागी का कहना है कि ऐश पौंड में फायरिंग के मामले में गहन जांच की जा रही है। डीवीसी के अधिकारियों व संबंधित कंपनी के द्वारा लिखित सूचना नहीं देने के कारण एफआईआर दर्ज करने में विलंब हुआ है। संभवतः आज मामला दर्ज कर लिया जायेगा।

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