हरियाणा

सिरदर्द को हल्के में न लें, सर्वाइकल भी हो सकता है : रोहिला

कुरुक्षेत्र (ओहरी )

अक्सर होने वाले सिर दर्द को हल्के में न लें, क्योंकि ये निकट भविष्य में सर्वाइकल का रूप भी ले सकता है जो विशेष रूप से महिलाओं के लिए बेहतर खतरनाक साबित हो सकता है। महिलाओं को वर्ष में कम से कम एक बार अपने कैलेस्ट्रॉल, थायराइड, विटामिन-डी के टैस्ट जरूर कराने चाहिएं। ये कहना है प्रख्यात फिजियोथरैपिस्ट दीप्ति रोहिला का। वे बीते दिन जेसीआई की महिला विंग जेसीआरटी द्वारा 24 से 30 अप्रैल तक मनाए जा रहे किरण सप्ताह अभियान के तहत महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने हेतु आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि तीस वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को नियमित व्यायाम करना बेहद जरूरी है। वे प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट की सैर अवश्य करें। उन्होंने बताया कि अक्सर गलत ढंग से बैठने के कारण पीठ दर्द, कमर दर्द और सर्वाइकल से मनुष्य परेशान रहता है। इसलिए सभी को सही ढंग से बैठने के गुर सीखने चाहिएं। उन्होंने महिलाओं को जागरूक करते हुए कहा कि आज कल कम आयु के बच्चों को भी सर्वाइकल की समस्या होने लगी है। इसका मुख्य कारण बच्चों द्वारा उपयोग किए जाने वाला मोबाइल फोन है। बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने के चक्कर में काफी देर तक गर्दन को झुकाकर फोन का प्रयोग करते रहते हैं, जो सर्वाइकल का रूप ले लेता है। इसलिए महिलाएं बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें।
जेसीआरटी की चेयरपर्सन डॉ. माधविका मदान ने भी महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं अपने खान-पान पर उचित ध्यान दें। वे संतुलित आहार लें, ताजी सब्जियां, ताजे फलों का नियमित रूप से प्रयोग करें। संस्था की सचिव पूनम परुथी ने बताया कि संस्था द्वारा 30 अपै्रल तक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कड़ी में महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता लाने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की निदेशक रजनी अरोड़ा और मीनू आनंद ने इस मौके पर ममता खोसला, रीना मित्तल, पूर्णिमा मल्होत्रा, रुचि गोयल, सोनिका वधवा, अंजू सिंगला, पलका आनंद, मनजीत कौर, मोनिका, नेहा, सीमा ग्रोवर, सोनिका भारद्वाज, मनविन्द्र कौर, अलका पाहवा, ममता रानी व अन्य महिलाएं मौजूद थीं।

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