पंजाब

फरार जसविंदर राजू ने दी पत्रकार को जान से मारने की धमकी, पुलिस को फिर नजर नहीं आया राजू

नीरज सिसौदिया, जालंधर
दलित नाबालिग युवक की मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपी जसविंदर सिंह राजू पुलिस अफसरों की कथित मिलीभगत के चलते खुला घूम रहा है और लोगों को जान से मारने की धमकियां दे रहा है| दलित नाबालिग युवक की मौत के मामले में तो पुलिस उसे गिरफ्तार कर ही नहीं पाई अब उसका एक और काला कारनामा सामने आया है| राजू ने SS न्यूज़ के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार को जान से मारने की धमकी दिनदहाड़े नया बाजार में दर्जनों लोगों की मौजूदगी में दी है। इससे पूरी पत्रकार बिरादरी में रोष फैल गया है। पीड़ित पत्रकार बिट्टू ओबरॉय, करन लूथरा, केएस ढिल्लों, प्रदीप बसरा, नीरज सिसौदिया, अशोक भारत समेेेत वेेेब जर्नलिस्ट ऐसोसिएशन के सदस्यों ने तत्काल राजू को गिरफ्तार  गिरफ्तार करने और उसे संरक्षण देने वाले पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है|

पत्रकार बिट्टू ओबरॉय को धमकाता जसविंदर राजू.

ओबरॉय ने बताया कि कुछ महीने पहले जसविंदर सिंह राजू के घर पर काम करने वाले नाबालिग दलित युवक की मौत हो गई थी। इस पर पुलिस ने जसविंदर सिंह आदि के खिलाफ विभिन्न धाराओं में FIR तो दर्ज कर ली थी लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया। इसके बाद से जसविंदर राजू खुलेआम सड़कों पर घूम रहा है.

वह नया बाजार स्थित अपनी दुकान पर भी आता जाता रहा और कई बार तो खुद नया बाजार में जब पुलिस टीम के साथ नगर निगम की टीम अवैध कब्जे हटाने गई तो राजू ने उनका विरोध किया| इस दौरान राजू के साथ कांग्रेस विधायक राजेंद्र बेरी की पत्नी उमा बेरी कांग्रेस पार्षद शैरी चड्ढा और कांग्रेस पार्षद राधिका पाठक के पति अनूप पाठक भी नजर आए। इंडिया टाइम 4:00 ने इसका खुलासा किया था और अपने चैनल पर राजू की लाइव वीडियो भी चलाई थी जिसमें वह कांग्रेस पार्षदों के साथ था| लेकिन चार नंबर थाना पुलिस के एसएचओ को वह नजर नहीं आया|

वीरवार को एक बार फिर नगर निगम की टीम पुलिस फोर्स के साथ नया बाजार मैं अवैध कब्जे गिराने जाने की तैयारी कर रही थी इसी दौरान जसविंदर राजू वहां पहुंचे पत्रकारों से भिङ़ गया। उसने अपना निशाना SSन यूज़ के संपादक और वरिष्ठ पत्रकार बिट्टू राय को बनाया। पत्रकारों के सामने ही वह बिट्टू ओबरॉय से गाली गलौज करने लगा और उसे यह कहकर जान से मारने की धमकी देने लगा कि तू ही मेरी खबरें लगाता है बाकी कोई अखबार वाला मेरी फरार होने की खबर नहीं लगाता| तुझे तो मैं देख लूंगा चाहे कितनी भी कोशिश कर ले पुलिस मुझे गिरफ्तार नहीं करेगी| सारी पुलिस प्रशासन मेरी जेब में है और आधा मीडिया मैंने खरीद रखा है| s h o से लेकर पुलिस कमिश्नर तक मेरी जेब में हैं| तुम्हारे खबरें लगाने से मुझे कोई गिरफ्तार करने वाला नहीं है|
इस संबंध में जब पुलिस कमिश्नर से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो 3 बार रिंग होने के बावजूद कमिश्नर ने फोन नहीं उठाया| इसके बाद डिप्टी कमिश्नर को फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि एडिशनल डीसीपी वन से बात कर लीजिए, मैं अभी नया हूं मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है| इस बारे में जब एडिशनल डीसीपी वन को फोन किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं अभी नया हूं मुझे इस बारे में पूरी जानकारी नहीं है आप ACP को फोन कर लीजिए| जब उनसे कहा गया कि हम पत्रकार हैं कोई पार्टी नहीं है जो जसविंदर सिंह राजू को गिरफ्तार करवाएं| राजू अगर संगीन मामले का आरोपी है तो उसे गिरफ्तार करना आपकी जिम्मेदारी है| इस पर एडिशनल डीसीपी वन ने कहा कि मैं मामले को देखता हूं राजू को गिरफ्तार करवाया जाएगा| इस संबंध में जब एडिशनल s h o से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले का FIR नंबर बता दीजिए| इतने संगीन मामले में पुलिस अधिकारियों की ऐसी लापरवाही साफ जाहिर करती है कि कहीं ना कहीं दाल में काला जरूर है| सूत्र बताते हैं कि राजू ने पुलिस अधिकारियों को एक मोटी रकम रिश्वत के रूप में दी हुई है जिसके चलते कोई भी पुलिस अधिकारी उस को गिरफ्तार करने को तैयार नहीं है| इतना ही नहीं एक पूर्व विधायक की निजी सचिव और सांसद का एक करीबी भी जसविंदर राजू को पुलिस की गिरफ्त से बचाने में लगा हुआ है|
हैरानी की बात तो यह है कि खुद को दलितों का तारणहार बताने वाले दलित समाज के नेता भी इस मुद्दे पर खामोश हैं|
बहर हाल कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में जालंधर पुलिस का यह रवैया साबित करता है कि एक बार फिर गुंडाराज की वापसी हो रही है और अपराधी सड़कों पर खुलेआम घूम रहे हैं|

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