हर शब्द कुछ बोलता
कुछ सहता है।
हर शब्द में कोई भाव
छिपा रहता है।।
हर शब्द मानो कोई
सजीव जीव हो।
हर शब्द कोई इक़
कहानी कहता है।।
शब्द से ही लगाव और
विश्वास होता है।
हर शब्द अलग और ही
खास होता है।।
शब्द की महिमा का
संसार अपरम्पार।
शब्द से ही पूजा अर्चन
अरदास होता है।।
हर भलाई बुराई शब्द से
शुरू होती है।
आदमी की लड़ाई शब्द
से शुरू होती है।।
शब्द देते परिचय मजबूरी
और मजबूती का।
व्यक्ति की अच्छाई शब्द
से शुरू होती है।।
शब्द से कभी बहुत ही
नुकसान होता है।
शब्द से आदमी आदमी का
कद्रदान होता है।।
दिल का आईना होते हैं
हमारे शब्द।
शब्द से ही आदर और
फरमान होता है।।
शब्द से ही पाता मनुष्य
मान सम्मान है।
शब्द से ही दिया जाता
अपमान है।।
हर शब्द बोले मनुष्य
नाप तोल कर।
शब्द ही लाता मनुष्य की
पहचान है।।
–एस के कपूर “श्री हंस”
मो. 9897071046, 8218685464




