Share nowमन की गंगा में प्रेम रंग घोलो रे। गलबहियां डाल के मीत संग खेलो रे। धूल ब्रजभूमि की अब मलो भाल पर, अवध-अबीर मे अँग-अँग मेलो रै।। गलबहियां…. जीवन के रंग मे नया रंग घोलो रे। उदासी भूलकर बजा चंग ख़ेलो रे।। गलबहियां… मन पर जो रंग हो तन पर वही मलो। एकता और […]
Share nowदिल पे मुश्किल है दिल की कहानी लिखना, जैसे बहते हुए पानी में पानी लिखना. बहुत आसां है किसी के दिल पे दस्तकें देना, जैसे अपने आईने में अक्स को पाना. ऐ आसमां समझाओ इन चांद तारों को, तुम रोक लो वापस इन बेलगाम हवाओं को, ये दुनिया ये लोग एक गहरा समंदर है, […]
Share nowन्यायमूर्ति प्रकाश सिंह के यहां ,निर्मला देवी को घरेलू काम करते, 6 वर्ष बीत चुके थे। इन 6 सालों में इतना तो जान चुकी थी ,कि साहब थोड़े से ऐय्याश किस्म के आदमी और मालकिन सविता जी बहुत ही पूजा पाठ वाली सीधी साधी महिला हैं। एक दिन निर्मला की बेटी सीता, इतवार को […]