Related Articles
तिकड़मों के बिना हैसियत थी कहां…
हाय मतलब यहाँ सिद्ध जिसका हुआ, आज घोड़े वही बेचकर सो रहा और उल्लू बनाया गया हो जिसे, बैठकर बेबसी में बहुत रो रहा। आदमी का न कोई भरोसा रहा, क्या पता कौन कब खोपड़ी फोड़ दे और पीड़ित न पैसा करे खर्च तो, फिर पुलिस भी उसे अब नया मोड़ दे हाय घटना बदलकर […]
…जब संत कबीर ने इस्लाम अपनाने से कर दिया था इनकार
सुखदेव ‘राही’ जब कबीर ने इस्लाम कबूल करने से मना कर दिया तो सिकंदर लोदी के आदेश से जंजीरो में जकड़कर कबीर को मगहर लाया गया। वहां लाते ही जब शहंशाह के हुक्म के अनुसार कबीर को मस्त हाथी के पैरों तले रौंदा जाने लगा, तब लोई पछाड़ खाकर पति के पैरों पर गिर पड़ी। […]
11 अगस्त बलिदान दिवस पर विशेष : सबसे कम उम्र में फांसी पर झूल गए थे खुदीराम बोस
खुदीराम बोस का जन्म 3 दिसम्बर सन् 1889 को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले के हबीबपुर नामक गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बाबू त्रैलोक्यनाथ बोस और उनकी मां का नाम लक्ष्मीप्रिय देवी था। बालक खुदीराम बोस के मन में देश को आजाद कराने की ऐसी लगन लगी कि वे कक्षा 9 के […]




