Share nowबादल वर्षा मे निहित अन्न जल का राज है। इसी से धरा सिंचित और पैदा होता अनाज है।। यह फसल की उपज और नदी नाले सब कुछ। मेघराज तेरे लिये सब ही मोहताज़ है।। बारिश से ही जन जीवन रहता सुरक्षित है। फसल नष्ट यदि भू भाग जल वंचित है।। मेघराज तुम्हारा करते हैं […]
Share nowबाबा मैं छोटी सी परी कल को हो जाउंगी बड़ी बन जाउंगी पराया ये मुझे लोगों ने चिढ़ाया बाबा आज खेलने दो मुझे कल को छोड़ जाना है तुझे बाबा कल को बदल जायेगी मेरे जीवन की नौका जब मुझको ले जाएगा एक हवा का झोंका मैं नन्ही सी चिड़िया, उड़ जाऊंगी एक दिन […]
Share nowरोज़ बढे़ंगे- रोज़ बढ़ेंगे, हम अविराम- हम अविराम. प्राप्त करेंगे- प्राप्त करेंगे, सब परिणाम- सब परिणाम. इस अदृश्य ताकत से भी हम, टकरायेंगे जी भरकर. निकट समय में खुशी पताका, फहरायेंगे जी भरकर. साथ सहेंगे- साथ सहेंगे, हर अंजाम- हर अंजाम. प्राप्त करेंगे… मानव ने कर्मठता- बल पर, काम अनोखे कर डाले. दानव सी […]