Share nowसोते नहीं छत पे पहले जैसे रात में। लगाते नहीं गले हर मुलाकात में।। बदल गया चलन अब जमाने का। देखते हैं कीमत हर भेंट सौगात में।। चकाचौंध रोशन बन गई दुनिया। अब यकीं घट गया जज्बात में।। बडे बूढ़ों के आशीर्वाद में रहा नहीं यकीं। बौखला जाते हैं बुजुर्गों की लात में।। दुनिया […]
Share nowहिम्मत से हारना ,पर हिम्मत कभी मत हारना जिन्दगी रोज़ इक नया इम्तिहान लेती है। दो परीक्षा तो सफल परिणाम देती है।। परिश्रम का ईनाम यहां मिलता है जरूर। जीत सको तुम तो जमीं आसमान देती है।। अतीत को बदलना नहीं आज सुधार करना है। बीते की चिंता नहीं आगे की पुकार करना है।। […]
Share nowहिन्दी पत्रकारिता की कहानी भारतीय राष्ट्रीयता की कहानी है। हिन्दी पत्रकारिता के आदि उन्नायक जातीय चेतना, युगबोध और अपने दायित्व के प्रति पूर्ण सचेत थे। इसलिए विदेशी सरकार की दमन-नीति का उन्हें शिकार होना पड़ा था, उसके नृशंस व्यवहार की यातना झेलनी पड़ी थी। उन्नीसवीं शताब्दी में हिन्दी गद्य-निर्माण की चेष्टा और हिन्दी-प्रचार आन्दोलन […]